अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
भोपाल शहर में अपराधों पर अंकुश लगाने और आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नर संजय कुमार लगातार जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों की समस्याएं सुनने और पुलिस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
हालांकि, शहर के कई नागरिकों का कहना है कि जनसंवाद के साथ-साथ रात के समय सड़कों पर होने वाली आवारागर्दी पर भी प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है। लोगों का आरोप है कि देर रात कई इलाकों में युवाओं की बेवजह आवाजाही, तेज रफ्तार बाइक चलाना, हुड़दंग और सार्वजनिक स्थानों पर अनावश्यक जमावड़े जैसी गतिविधियां देखने को मिलती हैं, जिससे आम लोगों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों में असुरक्षा की भावना पैदा होती है।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि जिस तरह पुलिस हेलमेट जांच और यातायात नियमों के पालन को लेकर नियमित अभियान चलाती है, उसी प्रकार रात में आवारागर्दी, हुड़दंग और संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि इससे न केवल कानून-व्यवस्था मजबूत होगी बल्कि संभावित अपराधों पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा।
नागरिकों का कहना है कि यदि पुलिस रात के समय संवेदनशील और प्रमुख क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाए तथा बिना कारण घूमने वाले संदिग्ध लोगों पर सख्ती से कार्रवाई करे, तो शहर का माहौल अधिक सुरक्षित बन सकता है।
जनसंवाद के माध्यम से जनता की राय जानने की पहल की सराहना हो रही है, लेकिन अब लोगों की नजर इस बात पर है कि उनकी इस प्रमुख मांग पर पुलिस प्रशासन कब और किस तरह ठोस कदम उठाता है।
