गुलशन परूथी, ग्वालियर (मप्र), NIT:

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रेस्टिज प्रबंधन एवं अनुसंधान संस्थान, ग्वालियर के विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने अवकाश के चलते अपने-अपने घरों, उद्यानों एवं अन्य उपयुक्त स्थानों पर योगाभ्यास कर योग के प्रति जागरूकता और आस्था का परिचय दिया। संस्थान के आह्वान पर सभी ने योग, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
योग दिवस पर प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासनों और श्वास संबंधी क्रियाओं के माध्यम से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने का प्रयास किया। विद्यार्थियों ने योग को एकाग्रता, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के लिए लाभकारी बताया, जबकि प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने इसे तनावमुक्त और संतुलित जीवन के लिए आवश्यक बताया।
संस्थान के निदेशक डॉ. निर्मल्य बंद्योपाध्याय ने अपने संदेश में कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत है, जो व्यक्ति को स्वस्थ, संतुलित और अनुशासित जीवन प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यस्त जीवनशैली और मानसिक दबाव के दौर में योग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन भी देता है। विशेष रूप से युवाओं को योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि संपूर्ण व्यक्तित्व विकास का माध्यम है। नियमित योगाभ्यास से आत्मविश्वास, सकारात्मक दृष्टिकोण और कार्यक्षमता में वृद्धि होती है, जो व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन दोनों के लिए लाभकारी है।
इस अवसर पर संस्थान परिवार ने योग को जन-जन तक पहुंचाने तथा स्वस्थ एवं जागरूक समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया और नागरिकों से नियमित योग अपनाने की अपील की।
