दशकों के इंतज़ार के बाद दंगा पीड़ित दुकानदारों को मिलेगा अपना हक़, निर्माणाधीन सिंधी कपड़ा मार्केट का अर्चना चिटनिस ने किया निरीक्षण | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) तथा महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल ने सुभाष स्कूल ग्राउंड परिसर में निर्माणाधीन दंगा एवं अग्निकांड पीड़ित सिंधी कपड़ा मार्केट की दुकानों का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति का जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी को निर्देश दिए कि कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि दशकों से पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे प्रभावित व्यापारियों को जल्द दुकानों का स्वामित्व सौंपा जा सके।

निरीक्षण के दौरान श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि यह केवल दुकानों का निर्माण नहीं, बल्कि वर्षों से अपने अधिकार, सम्मान और आजीविका के लिए संघर्ष कर रहे पीड़ित परिवारों के सपनों को साकार करने का ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1972, 1992 तथा उसके बाद विभिन्न परिस्थितियों में प्रभावित हुए व्यापारियों ने अपने रोजगार को दोबारा स्थापित करने के लिए लंबा संघर्ष किया है, जिसका सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहा है।

उन्होंने निर्माण एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप एवं समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। साथ ही हितग्राहियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए दुकानदारों की एक समिति गठित करने के निर्देश दिए, ताकि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी हो सके और सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी ढंग से संपन्न हों।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन मामलों में न्यायालय द्वारा उत्तराधिकार प्रमाण-पत्र (Succession Certificate) प्रस्तुत करना आवश्यक है, संबंधित हितग्राही अधिकतम तीन माह के भीतर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं, ताकि दुकान आवंटन की प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।

श्रीमती चिटनिस ने बताया कि इस महत्वपूर्ण परियोजना को साकार करने के लिए पिछले दो दशकों से लगातार प्रयास किए गए हैं। वर्ष 2013 में शिक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने सुभाष मैदान पर मार्केट निर्माण का प्रस्ताव कैबिनेट से स्वीकृत कराया था। इसके बाद निर्माण लागत में अनुदान, भूमि हस्तांतरण, पट्टा नवीनीकरण सहित विभिन्न वैधानिक एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा कराने के लिए निरंतर प्रयास किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा स्वेच्छानुदान मद से 3 करोड़ 50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत किए जाने के बाद यह बहुप्रतीक्षित परियोजना तेज़ी से आगे बढ़ सकी।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने दुकानों के समीप निर्माणाधीन स्टेडियम एवं पवेलियन का भी अवलोकन किया और निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्यों में समुचित समन्वय रखते हुए क्षेत्र का समग्र एवं सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने उपस्थित व्यापारियों से कहा कि यह परिसर केवल दुकानें नहीं, बल्कि उनकी आजीविका और आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य का आधार बनेगा। सभी हितग्राही इसे अपने परिश्रम, विश्वास और आत्मसम्मान का केंद्र मानते हुए इसके संरक्षण एवं विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।

निरीक्षण के दौरान महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल, नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव, बलराज नावानी, प्रशांत पाटिल, विपुल कानूनगो, नरहरी दीक्षित, संभाजीराव सगरे, धनराज महाजन, आशीष शुक्ला, रुद्रेश्वर एंडोले, चिंटू राठौड़, अक्षय मोरे, विक्की टिल्लानी, भावनदास चंचलानी, धीरज नावानी सहित बड़ी संख्या में पीड़ित दुकानदार एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version