पुरानी पेंशन बहाली, 8वें वेतन आयोग व डीए एरियर समेत प्रमुख मांगों को लेकर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री से मिले परिषद अध्यक्ष | New India Times

शमसुद्दोहा, ब्यूरो चीफ, गोरखपुर (यूपी), NIT:

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी से शिष्टाचार भेंट कर कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण मांगों को विस्तार से उनके समक्ष रखा।

इस दौरान उन्होंने पुरानी पेंशन व्यवस्था (ओपीएस) की बहाली, 8वें वेतन आयोग के गठन के समय 3.85 फिटमेंट फैक्टर निर्धारित किए जाने, रेलवे किराया रियायत को पुनः बहाल करने तथा कोरोना काल में फ्रीज किए गए डेढ़ वर्ष के डीए एरियर के भुगतान सहित अन्य कर्मचारी हितैषी मांगों पर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित कराया।

रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि नई पेंशन व्यवस्था के कारण कर्मचारियों में भविष्य की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। ऐसे में पुरानी पेंशन व्यवस्था को पुनः लागू किया जाना कर्मचारियों और उनके परिवारों के हित में आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत को देखते हुए 8वें वेतन आयोग में कर्मचारियों के लिए 3.85 फिटमेंट फैक्टर निर्धारित किया जाना चाहिए, जिससे उन्हें सम्मानजनक वेतन और आर्थिक राहत मिल सके।

परिषद अध्यक्ष ने यह भी मांग की कि पूर्व में कर्मचारियों को मिलने वाली रेलवे किराया रियायत सुविधा को पुनः बहाल किया जाए, ताकि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को यात्रा संबंधी सुविधाओं का लाभ मिल सके। इसके अतिरिक्त कर्मचारी कल्याण से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी केंद्रीय मंत्री का ध्यान आकर्षित किया गया।

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने परिषद द्वारा प्रस्तुत मांगों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि केंद्र सरकार कर्मचारी हितों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कर्मचारियों से संबंधित सभी न्यायोचित और व्यावहारिक मांगों पर सकारात्मक दृष्टिकोण से विचार किया जाएगा तथा कर्मचारी हित में जो भी उचित होगा, सरकार आवश्यक कदम उठाने का प्रयास करेगी।

मुलाकात के बाद परिषद अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने कर्मचारी हितों के प्रति सकारात्मक रुख अपनाया है, जिससे कर्मचारियों में आशा और विश्वास का वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद भविष्य में भी कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को प्रभावी ढंग से सरकार के समक्ष उठाता रहेगा तथा उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा।

उन्होंने कर्मचारियों से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि संगठन की मजबूती ही कर्मचारी हितों की रक्षा का सबसे बड़ा आधार है।

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