मुबारक अली, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर (यूपी), NIT:
स्वामी शुकदेवानन्द विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग में “कृत्रिम बुद्धिमत्ता और इसके उभरते क्षेत्र” विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं स्वामी शुकदेवानन्द सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रो. प्रियंका सक्सेना (राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय, प्रयागराज) का छात्राओं द्वारा चंदन तिलक एवं पुष्प भेंट कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्हें अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
संगोष्ठी के संयोजक एवं वाणिज्य संकाय के डीन प्रो. अनुराग अग्रवाल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभावी एवं जिम्मेदार उपयोग के लिए मानवीय बुद्धिमत्ता का नियंत्रण आवश्यक है। मुख्य अतिथि प्रो. प्रियंका सक्सेना ने अपने संबोधन में कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि तथा प्रशासन सहित अनेक क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही है। उन्होंने इसके नैतिक एवं जिम्मेदार उपयोग पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. पी.बी. सिंह ने कहा कि उत्पादन एवं विपणन (मार्केटिंग) में एआई के उपयोग से गुणवत्ता में सुधार हुआ है तथा लागत में कमी आई है। उन्होंने घोषणा की कि विश्वविद्यालय में शीघ्र ही बी.कॉम. (एआई) पाठ्यक्रम प्रारंभ किया जाएगा।
उद्घाटन सत्र के उपरांत आयोजित दो तकनीकी सत्रों में शोधार्थियों एवं प्रतिभागियों द्वारा 34 शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए। संगोष्ठी में विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी तथा विभिन्न संस्थानों से आए प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कमलेश गौतम ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. देवेन्द्र सिंह द्वारा प्रस्तुत किया गया।
