बिना मजबूती के बन रहे तालाब - कार्यकर्ताओं को बंदरबाट : खतरे में योजना का भविष्य | New India Times
बिना मजबूती के बन रहे तालाब - कार्यकर्ताओं को बंदरबाट : खतरे में योजना का भविष्य | New India Times

नरेन्द्र कुमार ब्यूरो चीफ,जलगांव (महाराष्ट्र)NIT:

वाघूर लिफ्ट इरिगेशन योजना से संबंधित कृषि सिंचाई प्रोजेक्ट में बन रहे तालाब मजबूती के अभाव से भविष्य में टूट का शिकार होने जा रहे हैं । 30 लाख लीटर पानी धारण करने वाला एक तालाब अपने आसपास की 100 एकड़ खेती को पानी देगा। जामनेर ब्लॉक के कुछ इलाको मे इस तरह के 3800 तालाब बनाए जा रहे हैं जिन में 1200 पूरे हो चुके हैं ।आंध्र प्रदेश की GVPR ने इस प्रोजेक्ट का टेंडर ऑर्डर लिया है। मंत्री गिरीश महाजन ने 450 करोड़ रुपया इरिगेशन विभाग को ट्रांसफर कर दिया है ।मजबूती के पैमाने पर सारे तालाब फेल होने की गुंजाइश अधिक है ।गुरुत्वाकर्षण बल के बूते टिके लिफ्ट सिस्टम के जल पंप जमीन के अंदर तालाबों तक बिछाई पाइप लाइन को बार बार लीकेज का मौका देंगे।

बिना मजबूती के बन रहे तालाब - कार्यकर्ताओं को बंदरबाट : खतरे में योजना का भविष्य | New India Times

लिफ्ट योजना के जानकार बताते है कि महाराष्ट्र मे कही भी लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट सफ़ल नही हो पाए है ।अगर ये योजना सफेद हाथी साबित होती है तो बैठ जाने के बाद इस हाथी के चारपानी ,  इलाज़ का खर्चा जनता को उठाना पड़ेगा।हाथी को नचाने वाले टिकट का रुपया लूटकर गायब हो जाएंगे।हमने कुछ तालाबो की तकनीकी जानकारी को तथ्यो के साथ मिलान कराया तो चौंका देने वाले तर्क सामने आए ।तालाबो के लिए जमीन दे चुके किसानो को कथित भ्रष्टाचार के विरोध मे सजगता के साथ अपने कर्तव्य को निभाना होगा ।उक्त योजना को लेकर न्यू इंडिया टाइम्स द्वारा तकनीकी विसंगतियो के बारे मे समय समय पर रिपोर्टिंग का प्रयास रहेगा ।
सरकारी तिज़ोरी से ठेको की बंदरबाट :
हजार करोड़ रुपए की ये योजना सरकार मे शामिल सभी दलो के छोटे से छोटे नेताओ के लिए कुंभ के प्रसाद से कम नही है। शायद इसी प्रसाद के बदौलत बीजेपी आनेवाले विधानसभा चुनाव के दौरान जामनेर ब्लॉक मे SIR मे कट चुके 26 हजार वोटो की कमी को पाटने का काम करेगी।

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