नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

महाराष्ट्र के जलगांव जिले से भ्रष्टाचार के सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं। प्रशासनिक जांच के बावजूद मंत्रियों के स्नेह के कारण जलगांव PWD के चीफ़ की कुर्सी गरम कर रहे प्रशांत सोनवने के कार्यकाल में लोक निर्माण विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडल के फंड से बन रही जामनेर-भुसावल सड़क के निर्माण में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। 2002 में जापान सरकार के फंड से बनी डामरी सड़क को उखाड़ कर अब फिर से सीमेंट कांक्रीट से बनाया जा रहा है। सड़क के दोनों तरफ की साइड पट्टी सीमेंट कांक्रीट के बजाये मिट्टी से भर दी गई है। गंगापुरी से महादेव तांडा सिंगल लेन सड़क पर बड़ा वाहन किसी बाइक सवार को ओवर टेक नहीं कर सकता कारण साइड पट्टी और सड़क का सिंगल लेन होना, शेष टू लेन सड़क की साइड पट्टी मिट्टी से भर कर रोलर से समतल की गई है। 27 किमी की इस सड़क पर ठेकेदार ने प्रोजेक्ट बोर्ड नहीं लगाया है।

पिछली रिपोर्ट में हमने पहुर-पाचोरा सड़क में किए जा रहे भ्रष्टाचार की पड़ताल की थी। जामनेर-भुसावल सड़क निर्माण में साइड पट्टी चोरी का वही पैटर्न नज़र आ रहा है। इस तरह के घटिया निर्माण कार्य के कारण नामचीन विकासक BNA कंस्ट्रक्शन की गुणवत्ता को चोट पहुंच रही है। बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सरकार के दम पर महाराष्ट्र में ठेकेदारों से चंदा दो धंधा लो नाम का इको सिस्टम तो नहीं चला रहा है ऐसा सवाल लोग पूछने लगे हैं। PWD के भ्रष्टाचार के कीर्तिमान में BACKWOODS EMERALS PROJECT का भी अपना एक अनोखा मुकाम है। इस प्रोजेक्ट में तो इरिगेशन विभाग और PWD ने मिलकर करोड़ों का कांड किया है।
किसानों के बीच पहुंचीं केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे

केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने अपने संसदीय क्षेत्र रावेर में किसानों के बीच पहुंचकर केला बागवानी के नुकसान का जायजा लिया है, इस दौरान किसानों ने बीमा कंपनियों की मनमानी की शिकायतें की हैं। खडसे के दौरे में एक बात साफ़ हो गई है कि बीमा कंपनी वाले सरकार में बैठे मंत्रियों और प्रशासन के आला अधिकारियों की नहीं सुनते हैं । ऐसी प्रतिकूल स्थिति में पीड़ित किसान ओह माय गॉड के कानजी भाई से प्रेरणा लेकर बीमा कंपनियों के ऊपर कोर्ट में ऐक्ट ऑफ गॉड का परिवाद तो दायर नहीं कर सकता है।
