अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
राजधानी भोपाल स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के नाम को बदलकर बाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय किये जाने के निर्णय के विरोध में छात्र संगठन एआईडीएसओ की भोपाल जिला अध्यक्ष सोनम शर्मा ने बयान जारी करते हुए कहा कि प्रदेश के सबसे पुराने विश्वविद्यालयों में शुमार बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलकर बाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय करने का निर्णय देश के शहीदों-क्रांतिकारियों का अपमान है। प्रशासन को ज्ञात होना चाहिए की बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम आजादी आंदोलन के क्रांतिकारी बरकत उल्लाह भोपाली की स्मृति के साथ जुड़ा हुआ है। गदर आंदोलन के साथ जुड़कर देश की आजादी की लड़ाई को तीव्र करने के लिए बरकतउल्ला भोपाली आजीवन संघर्ष करते रहे और जब 1915 में अफगानिस्तान में गुलाम भारत की पहली अंतरिम सरकार बनी तब उसमें बरकतउल्ला को पहला प्रधानमंत्री घोषित किया गया। यही वह सरकार थी जिसने देश की आजादी का विजन लोगों के सामने रखा। हमारा कर्तव्य है कि हम शहीदों- क्रांतिकारियों की इन स्मृतियों को आने वाली पीढ़ीयों के लिए बचा कर रखें ताकि वह उनके जीवन से सीख लेकर अपनी जिंदगी को बेहतर रास्ते पर संचालित कर सकें। लेकिन दुख की बात है कि क्रांतिकारियों के सम्मान का दिखावा करने वाली केंद्र व राज्य की सरकारें आज इन्ही चरित्रों को समाज से मिटा डालने की कोशिश कर रही हैं। कुख्यात राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में वर्णित राष्ट्र निर्माण के क्या यही मायने हैं? अगर प्रशासन बाग्देवी या राजा भोज के नाम पर शिक्षण संस्थान खोलने की इतनी तीव्र लालसा रखता है तो हमारा सुझाव है कि वह इन नामों से नए शिक्षण संस्थान खोले। जिससे शिक्षा जगत और छात्र समुदाय का भी फायदा हो। आज जब बरकतउल्ला विश्वविद्यालय को अनियमिताओं से मुक्त करने, परीक्षा परिणामों में धांधली रोकने, पर्याप्त संख्या में शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक स्टाफ की भर्ती करने, शैक्षणिक सत्र को समय पर संचालित करने की जरूरत थी वहां नाम परिवर्तन का यह निर्णय सिर्फ राजनीतिक फायदों के लिए लिया गया निर्णय है। हम छात्र संगठन एआईडीएसओ की भोपाल जिला कमेटी की ओर से यह मांग करते हैं की बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय का नाम यथावत रखा जाए, विश्वविद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं को दूर किया जाए, बरकत उल्लाह भोपाली के जीवन संघर्ष व आजादी आंदोलन में उनके योगदान को सम्मान देते हुए व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
