पुत्र के अपहरण की धमकी देकर दुष्कर्म करने के आरोपी की जमानत याचिका खारिज | New India Times

ज़फ़र खान, अकोट/अकोला (महाराष्ट्र), NIT:

महिला के पुत्र के अपहरण और जान से मारने की धमकी देकर दुष्कर्म करने के आरोपी की जमानत याचिका खारिज
सरकारी अधिवक्ता अजीत देशमुख की प्रभावी पैरवी

अकोट के अतिरिक्त जिला एवं विशेष सत्र न्यायाधीश बी. एम. पाटील ने अकोट शहर पुलिस थाने में दर्ज एक गंभीर प्रकरण में आरोपी मोहम्मद अबरार अब्दुल समद (38), निवासी मोमीनपुरा, अकोट की जमानत याचिका खारिज कर दी।

आरोपी पर महिला के पुत्र का अपहरण करने और उसे जान से मारने की धमकी देकर महिला के साथ जबरन दुष्कर्म करने तथा उसका वीडियो वायरल कर बदनाम करने का आरोप है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता ने 2 मई 2026 को अकोट शहर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि आरोपी मोहम्मद अबरार उसके पुत्र का पीछा करता था और अपहरण कर जान से मारने की धमकी देकर महिला का मोबाइल नंबर प्राप्त किया। इसके बाद आरोपी ने पीड़िता को लगातार धमकाते हुए उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। आरोप है कि आरोपी ने इस दौरान वीडियो भी बनाया और बाद में उसे वायरल कर महिला की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। गवाहों के बयानों से यह सामने आया कि सह-आरोपी द्वारा पीड़िता और मुख्य आरोपी से संबंधित वीडियो विभिन्न व्यक्तियों को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा गया था। पुलिस ने संबंधित मोबाइल फोन जब्त कर उनका पंचनामा किया तथा व्हाट्सएप चैट और स्क्रीनशॉट को साक्ष्य के रूप में संकलित किया। इसके आधार पर मामले में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराएं भी जोड़ी गईं।

सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता अजीत देशमुख ने न्यायालय को बताया कि यह अत्यंत गंभीर प्रकृति का अपराध है। पीड़िता का बयान न्यायिक अधिकारी के समक्ष दर्ज किया जा चुका है, जिसमें उसने धमकी देकर जबरन यौन शोषण किए जाने की पुष्टि की है।

उन्होंने तर्क दिया कि यदि आरोपी को जमानत दी जाती है, तो वह पीड़िता एवं अन्य गवाहों को प्रभावित कर सकता है तथा जांच प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न होने की आशंका है।

अभियोजन पक्ष ने यह भी कहा कि पीड़िता घटना के बाद मानसिक आघात से गुजर रही है और आरोपी की रिहाई का उस पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। मामले की जांच अभी जारी है तथा कुछ महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज किए जाने शेष हैं।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी मोहम्मद अबरार अब्दुल समद की जमानत याचिका खारिज कर दी। मामले की आगे की जांच अकोट शहर पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी पुलिस निरीक्षक अमोल माळवे के मार्गदर्शन में जारी है।

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