अतीश दीपंकर, ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:

भागलपुर जिले स्थित एनटीपीसी कहलगांव में सोमवार को बालिका सशक्तिकरण अभियान (गर्ल एम्पावरमेंट मिशन – GEM-2026) का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एनटीपीसी लिमिटेड के निदेशक (प्रचालन) रवीन्द्र कुमार थे।

इस अवसर पर संयुक्त महिला समिति की वरिष्ठ सदस्या चंदना कुमारी, परियोजना प्रमुख रवीन्द्र पटेल, सृष्टि समाज की अध्यक्षा, एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारीगण, अभिभावक एवं छात्राएँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं स्वागत समारोह के साथ हुआ।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि रवीन्द्र कुमार ने कहा कि बालिका सशक्तिकरण अभियान केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में तीन परियोजनाओं से शुरू हुआ यह अभियान आज देशव्यापी आंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने बालिकाओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, शिक्षा, प्रशासन, खेल तथा अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि आज की ये बालिकाएँ कल की वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, प्रशासनिक अधिकारी, उद्यमी एवं देश की जिम्मेदार नागरिक बनेंगी। एनटीपीसी का उद्देश्य उन्हें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं नई संभावनाओं से परिचित कराना है, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें।
परियोजना प्रमुख रवीन्द्र पटेल ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि एनटीपीसी कहलगांव सदैव सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। उन्होंने बताया कि GEM-2026 के माध्यम से चयनित बालिकाओं को शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, स्वास्थ्य, खेलकूद, डिजिटल साक्षरता एवं नेतृत्व विकास से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों से अपनी बेटियों को आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रोत्साहित करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दीं, जिन्हें उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा। पूरा समारोह उत्साह, प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा।
अंत में सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों, सृष्टि समाज के सदस्यों एवं आयोजन से जुड़े सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। यह जानकारी एनटीपीसी कहलगांव के पीआरओ सह प्रबंधक चेव्वाकुला श्रीकांत ने दी।

