मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:
पंजीकृत संस्था मोमिन जमात, बुरहानपुर के नियंत्रण, संचालन एवं प्रबंधन में मोमिन जमात खाना, अंसार नगर, बुरहानपुर में एक उर्दू माध्यम हायर सेकेंडरी स्कूल एवं सिलाई प्रशिक्षण केंद्र संचालित किया जा रहा है। यह संस्था “बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय” के उद्देश्य के साथ शिक्षा एवं सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में कार्यरत है।
विद्यालय में प्राचार्य की जिम्मेदारी मोमिन जमात के अध्यक्ष एवं सचिव के मार्गदर्शन तथा शाला प्रबंधन समिति की सलाह से डॉ. शकील अहमद अंसारी (निवासी शाही किला, बुरहानपुर) बिना किसी मानदेय के निभा रहे हैं।
डॉ. अंसारी के प्रयासों से स्कूल प्रबंधन द्वारा प्रकाशित मैगज़ीन ‘सक़ाफ़त कल्चर’ का विमोचन समारोह हाल ही में संपन्न हुआ था। इसी सफलता से प्रेरित होकर तथा पत्रिका को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से 30 मई 2026, शनिवार रात्रि 10 बजे मोमिन जमात खाना, अंसार नगर में उस्ताद-उल-असातिज़ा एवं वरिष्ठ शायर हज़रत लतीफ शाहिद साहब (फाउंडर मेंबर, मोमिन जमात बुरहानपुर) की अध्यक्षता में एक भव्य मुशायरा एवं मैगज़ीन विमोचन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में ठाकुर नवल सिंह खानदान के चश्मे-चिराग, यूथ आइकॉन एवं जिला कांग्रेस कमेटी बुरहानपुर के कार्यकारी अध्यक्ष हर्षित सिंह ठाकुर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर अबू अय्यूब अंसारी स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यगण तथा जिले के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मौलाना हिफजुर्रहमान अंसारी, वरिष्ठ शायर एवं अधिवक्ता खलील अहमद अंसारी अशरफी के प्रारंभिक उद्बोधन से हुआ। पत्रिका का विमोचन मोमिन जमात के संरक्षक हाजी आरिफ अंसारी अलीगढ़ साहब, उस्ताद जमील असगर साहब, हर्षित सिंह ठाकुर, अकबर खान, रमीज़ खान, मोहसिन-ए-अदब, अलहाज मास्टर फज़लुर्रहमान तथा आमंत्रित शायरों के करकमलों से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के प्रारंभिक संचालन की जिम्मेदारी ताहिर नक़्क़ाश ने निभाई, जबकि विधिवत संचालन वरिष्ठ शायर एवं शिक्षक सैयद रियासत अली ‘रियासत’ ने किया। उपस्थित अतिथियों एवं शायरों का स्वागत डॉ. शकील अहमद अंसारी, मास्टर अक़रम ज़िया अंसारी, ज़मीर हुसैन, फैसलुद्दीन, शेख जमील अहमद, इमरान अहमद, रियाज़ आलम एवं अब्दुल रऊफ निश्तर द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर ताजदार-ए-ग़ज़ल मरहूम डॉ. बशीर बद्र भोपाली को उस्ताद जमील असगर साहब ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अंत में ज़मीर हुसैन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
यह आयोजन साहित्य, शिक्षा और सामाजिक समरसता का सुंदर संगम साबित हुआ तथा उपस्थित लोगों ने इसकी सराहना की।
