रक्तदान महादान: सीएमएचओ डॉ. बघेल ने जिला अस्पताल में लोगों को किया जागरूक | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बड़ोला, झाबुआ (मप्र), NIT:

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.एस. बघेल ने जिला अस्पताल झाबुआ स्थित ब्लड स्टोरेज सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां उपस्थित मरीजों के परिजनों एवं आमजन को रक्तदान के महत्व और आवश्यकता की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. बघेल ने कहा कि रक्तदान एक महान मानवीय सेवा है। वर्तमान समय में रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है, इसलिए आवश्यकता पड़ने पर केवल मानव द्वारा दान किया गया रक्त ही किसी व्यक्ति का जीवन बचा सकता है।

उन्होंने बताया कि स्वैच्छिक रक्तदान से न केवल जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान मिलता है, बल्कि समाज में मानवता, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना भी मजबूत होती है।

उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्तदान से तीन से चार मरीजों की सहायता की जा सकती है। दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों, प्रसूता महिलाओं, ऑपरेशन से गुजर रहे मरीजों तथा थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को समय-समय पर रक्त की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में नियमित और स्वैच्छिक रक्तदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।

डॉ. बघेल ने बताया कि रक्तदान एक पूर्णतः सुरक्षित प्रक्रिया है और स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता।

उन्होंने आमजन से अपील की कि वे रक्तदान के प्रति जागरूक बनें और जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आएं।

रक्तदान की पात्रता संबंधी जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 18 से 65 वर्ष आयु वर्ग का स्वस्थ व्यक्ति, जिसका वजन निर्धारित मानकों के अनुसार कम से कम 45 से 50 किलोग्राम हो तथा हीमोग्लोबिन स्तर निर्धारित मानकों के अनुरूप हो, रक्तदान कर सकता है। साथ ही वह किसी गंभीर संक्रामक रोग से पीड़ित नहीं होना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने रक्तदान से संबंधित जानकारी प्राप्त की तथा भविष्य में स्वैच्छिक रक्तदान करने की इच्छा व्यक्त की। स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी समय-समय पर रक्तदान के प्रति जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर पर्याप्त रक्त उपलब्ध कराया जा सके।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Gift this article

Exit mobile version