वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

लखीमपुर खीरी जिला के अजान क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित फर्जी क्लिनिकों का जाल तेज़ी से फैलता जा रहा है। बिना किसी मान्यता प्राप्त डिग्री और अनुमति के झोलाछाप डॉक्टर खुलेआम मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जिससे लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में कई ऐसे क्लिनिक संचालित हैं, जिनके संचालकों के पास न तो कोई वैध चिकित्सकीय डिग्री है और न ही स्वास्थ्य विभाग की अनुमति इसके बावजूद ये क्लिनिक धड़ल्ले से चल रहे हैं और मरीजों से मोटी फीस वसूली जा रही है।
इसी कड़ी में अजान क्षेत्र स्थित चंद्रा डेंटल क्लिनिक का मामला सामने आया है, जहां संचालक द्वारा बिना किसी मान्यता प्राप्त डेंटल डिग्री के इलाज किया जा रहा है। क्लिनिक के बोर्ड पर “DDH” जैसी डिग्री लिखी गई है, जबकि ऐसी किसी मान्यता प्राप्त डिग्री की पुष्टि नहीं हो सकी है। जानकारी के मुताबिक संबंधित व्यक्ति की शैक्षणिक योग्यता केवल इंटरमीडिएट (12वीं) तक बताई जा रही है।
जब इस संबंध में प्रमाण पत्र मांगे गए तो क्लिनिक संचालक कोई ठोस दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके और डिग्रियां घर पर होने की बात कहकर टालमटोल करते नज़र आए।
सबसे बड़ा सवाल स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर उठ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी इन अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई करने से बचते नज़र आ रहे हैं, जिससे झोलाछाप डॉक्टरों के हौंसले बुलंद हैं।
क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि ऐसे क्लिनिकों के संचालन के पीछे विभागीय मिलीभगत हो सकती है, जिसके चलते कार्रवाई नहीं की जा रही। यदि समय रहते इन अवैध क्लिनिकों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।
“खाता न बही, जो झोलाछाप कहें वही सही”
अजान क्षेत्र में अवैध क्लिनिकों का संचालन बिना किसी नियम-कायदे के हो रहा है। न रजिस्ट्रेशन, न डिग्री, फिर भी इलाज जारी है। ऐसे में मरीजों की सेहत पूरी तरह भगवान भरोसे है।
