मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

जुन्नारदेव में आयोजित 38वें ग्रीष्मकालीन वॉलीबॉल प्रशिक्षण शिविर के अंतिम सप्ताह में इन-हाउस प्रतियोगिताओं की शुरुआत हो गई है। पिछले एक माह से नगर के 8 से 18 वर्ष आयु वर्ग के छात्र-छात्राएं इस शिविर में वॉलीबॉल का नियमित प्रशिक्षण ले रहे हैं।
प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों को सर्विस, अंडर आर्म और अपर आर्म जैसी बुनियादी तकनीकों का अभ्यास कराया गया। अब अंतिम सप्ताह में विशेष रूप से मैच प्रैक्टिस पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। खिलाड़ियों ने अपने पसंदीदा खिलाड़ियों और विभिन्न राज्यों के नाम पर टीमें बनाकर आपसी मुकाबले शुरू कर दिए हैं। इन मुकाबलों के माध्यम से उन्हें खेल कौशल के साथ-साथ टीम भावना और जीत की रणनीति सीखने का अवसर मिल रहा है।
उत्कृष्ट विद्यालय जुन्नारदेव के वॉलीबॉल मैदान पर खिलाड़ियों का उत्साह देखने लायक है। प्रतियोगिता के दौरान सभी खिलाड़ी पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ अपनी टीम को जीत दिलाने के लिए प्रयासरत नजर आ रहे हैं। खेल के जरिए उनमें अनुशासन और सामूहिकता की भावना भी विकसित की जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, खेल कौशल में निखार और व्यक्तित्व विकास के लिए एक से दो वर्षों तक नियमित और कठोर अभ्यास आवश्यक होता है। इसी निरंतर अभ्यास के बल पर खिलाड़ी जिला, संभाग और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बना सकते हैं।
नगर की 38 वर्ष पुरानी इस गौरवशाली परंपरा का आयोजन जनजातीय कार्य विभाग छिंदवाड़ा एवं खेल एवं कल्याण विभाग छिंदवाड़ा द्वारा किया जा रहा है। शिविर को नगर पालिका परिषद जुन्नारदेव, उत्कृष्ट विद्यालय प्रबंधन तथा वेकोली कन्हान क्षेत्र का संरक्षण प्राप्त है।
खेल के साथ देशभक्ति का संदेश:
शिविर में खिलाड़ियों को प्रतिदिन प्रातःकालीन सत्र में भारत की गौरव गाथाओं से अवगत कराया जाता है। वहीं सायंकालीन सत्र में “यह धरती हिंदुस्तान की” गीत का सामूहिक गायन कर उनमें देशभक्ति की भावना जागृत की जाती है। इसके माध्यम से खिलाड़ियों को देश की भौगोलिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन:
शिविर में अनुराग शर्मा, अनुरोध शर्मा, धनंजय चौरसिया, अनिल गडरिया, श्रीमती पूर्वी कुमरे, राजीव गौतम, पावेल सिंह, संजय बामने, महेंद्र डेहरिया, प्रशांत डेहरिया, आकिब खान, नमन साहू, सादिक कुरैशी, परितोष चौरसिया और राजेश सोनी जैसे अनुभवी प्रशिक्षक खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
