मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:
कलेक्टर मैहर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी ने कहा कि इस सप्ताह सीएम हेल्पलाइन में संतुष्टिपूर्ण शिकायतों के निराकरण की अच्छी प्रगति हुई है। सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि संतुष्टिपूर्ण निराकरण का प्रतिशत किसी भी स्थिति में 50 प्रतिशत से कम न हो। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के निराकरण के लिए मैदानी अमले को सक्रिय करते हुए उन्हें भी जिम्मेदारी सौंपी जाए।
बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष मैहर में आयोजित समय-सीमा प्रकरणों की बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन, जल गंगा संवर्धन अभियान सहित विभिन्न विभागों के समन्वय संबंधी बिंदुओं पर समीक्षा की। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सुश्री संजना जैन, सीईओ जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह, एसडीएम श्री एस.पी. मिश्रा, श्रीमती दिव्या पटेल, डॉ. आरती सिंह, आरटीओ संजय श्रीवास्तव, सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला, उप संचालक कृषि आशीष पाण्डेय, डीपीसी विष्णु त्रिपाठी, कार्यपालन यंत्री श्वेतांक चौरसिया, लाजरूस केरकेट्टा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि संतुष्टिपूर्ण निराकरण का प्रतिशत 80 प्रतिशत तक बढ़ाया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि यह 50 प्रतिशत से कम न हो। जनसुनवाई के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी शिकायत 15 दिनों से अधिक लंबित न रहे। समीक्षा के दौरान 11 अप्रैल से 20 मई तक प्राप्त कुल 241 आवेदन पत्रों पर चर्चा की गई।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि यदि कोई शिकायत संबंधित विभाग से जुड़ी नहीं है, तो उसे प्रत्येक माह की 1 से 5 तारीख के बीच आवश्यक रूप से संबंधित विभाग को ट्रांसफर किया जाए। जीर्ण-शीर्ण भवनों की जानकारी लेते हुए उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि सीईओ जनपद, सीएमओ नगरीय निकाय, एसडीओ लोक निर्माण तथा बीईओ के साथ समीक्षा कर ऐसे भवनों की सूची तैयार करें, ताकि बरसात से पूर्व उन्हें डिस्मेंटल कराया जा सके।
उन्होंने राजस्व अधिकारियों को लैण्ड बैंक बनाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि विभागों को आवश्यकतानुसार भूमि आवंटित की जा सके। धरती आबा अभियान एवं जनमन योजना के शिविरों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि जनपद स्तरीय अधिकारी शिविरों में उपस्थित रहकर योजनाओं के लाभ का सेचुरेशन सुनिश्चित करें।
बठिया क्षेत्र में अवैध उत्खनन की शिकायत पर कलेक्टर ने राजस्व, वन, पुलिस एवं माइनिंग विभाग के अधिकारियों का संयुक्त दल गठित कर निरीक्षण करने के निर्देश दिए। आबकारी दुकानों में रेट लिस्ट लगाने तथा एमआरपी से अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने कहा कि बरसात से पूर्व नगरीय निकाय एवं जनपद पंचायतें अपने क्षेत्रों में नालियों और नालों की सफाई सुनिश्चित करें, ताकि जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। बैठक में बताया गया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों के निरीक्षण से खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में सुधार आया है।
संबल योजना के 47 लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कोई भी प्रकरण 180 दिनों से अधिक लंबित न रहे। समग्र केवाईसी की समीक्षा में जिले की औसत उपलब्धि 73.52 प्रतिशत पाए जाने पर उन्होंने नगर पंचायत रामनगर एवं नगर पालिका मैहर की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए शत-प्रतिशत केवाईसी पूर्ण करने के निर्देश दिए।
समय-सीमा पत्रकों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि कुल 93 टीएल प्रकरण लंबित हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों को टीएल प्रकरणों की गंभीरता समझते हुए समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही नापतौल निरीक्षक को अगली टीएल बैठक में उपस्थित रहने के निर्देश भी दिए गए।
पाण्डुलिपियों के लिए होगा सर्वे
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा “ज्ञान भारतम् पांडुलिपि मिशन” के अंतर्गत मध्यप्रदेश के धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों पर पाण्डुलिपियों का सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है। ज्ञान भारतम् मिशन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है, जिसकी घोषणा 1 फरवरी 2025 को केंद्रीय बजट के पैरा 84 में की गई थी। इसका उद्देश्य भारत की हस्तलिखित विरासत का सर्वेक्षण, दस्तावेजीकरण, संरक्षण, डिजिटलीकरण एवं प्रचार-प्रसार करना है।
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय एवं मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के बीच 19 दिसंबर 2025 को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस मिशन के लिए मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।
ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत 16 मार्च 2026 से 15 जून 2026 तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत मध्यप्रदेश के सभी जिलों में स्थित निजी शोध संस्थान, महाविद्यालय, ग्रंथालय, मंदिर, मठ, आश्रम एवं निजी ट्रस्टों में संरक्षित प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों की खोज कर उनकी जानकारी “ज्ञान भारतम् ऐप” पर अपलोड की जा रही है।
कलेक्टर मैहर बिदिशा मुखर्जी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में एसडीएम मैहर दिव्या पटेल ने बताया कि मिशन के तहत पाण्डुलिपियों का सर्वेक्षण, दस्तावेजीकरण एवं ज्ञान भारतम् ऐप में अपलोडिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि 75 वर्ष से अधिक पुरानी किताबें, भोजपत्र, शिलालेख तथा कपड़ों पर लिखित प्राचीन सामग्री यदि किसी मठ, ट्रस्ट या धार्मिक संस्थान में उपलब्ध हो, तो उसकी जानकारी उपलब्ध कराई जा सकती है।
