अतीश दीपंकर, ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:
भागलपुर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रवीण सिंह कुशवाहा का कन्नौज में हुए एक भीषण सड़क हादसे में निधन हो गया। इस दुखद खबर से जिले भर में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के अनुसार, हादसा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर उस समय हुआ जब उनकी कार अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और दूसरी दिशा से आ रही गाड़ी से जा भिड़ी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वे गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और पुलिस ने उन्हें तत्काल कन्नौज मेडिकल कॉलेज पहुंचाया।
डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए कानपुर रेफर कर दिया। परिजन उन्हें कानपुर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी तबीयत और बिगड़ गई। अस्पताल पहुंचने पर सीने में दर्द के बाद वे गिर पड़े, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
देर रात उनका पार्थिव शरीर भागलपुर स्थित कांग्रेस भवन लाया गया, जहां पूर्व विधायक, कांग्रेस व भाजपा के जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद बरारी में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
उनके निधन पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रवीण सिंह कुशवाहा एक निष्ठावान, संघर्षशील और समर्पित नेता थे, जिनके निधन से पार्टी को अपूरणीय क्षति हुई है।
प्रवीण सिंह कुशवाहा अपने जुझारू स्वभाव के लिए जाने जाते थे। वे अक्सर कहा करते थे कि वे बैकफुट पर नहीं, बल्कि फ्रंट फुट पर खेलते हुए संघर्ष करेंगे, जो उनका जीवन मंत्र भी था। उन्होंने चार बार विधानसभा चुनाव लड़ा, जिसमें पटना साहिब, भागलपुर और कहलगांव सीट शामिल हैं। हालांकि उन्हें जीत नहीं मिल सकी, फिर भी वे लगातार संगठन के लिए सक्रिय रहे।
वर्ष 2005 में उन्होंने पहली बार चुनावी मैदान में कदम रखा था। इसके बाद 2020 और 2025 में भी उन्होंने अपनी दावेदारी पेश की। हाल ही में, पिछले महीने ही उन्हें कांग्रेस ने भागलपुर जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी।
उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक का माहौल है

