मक़सूद अली, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:
सर्वत्र शिक्षा समिति, नई दिल्ली (एनसीटी) एवं संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के माध्यम से महाराष्ट्र में शिक्षा के प्रचार-प्रसार हेतु महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में महाराष्ट्र के लिए प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में डॉ. प्रोफेसर मीनाक्षी पांचाळे की नियुक्ति की गई है।
दिनांक 20 अप्रैल 2026 को यवतमाल में ‘सर्वत्र शिक्षा अभियान’ के राज्य कार्यालय का भव्य उद्घाटन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के उद्घाटक माननीय विधायक बालासाहेब मांगुळकर थे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व उपाध्यक्ष न.प. उमरखेड नितीन माहेश्वरी ने की।
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथियों के रूप में नगरसेवक चंद्रशेखर चौधरी, नगरसेविका सपना संजय उपगनलावार, भाजपा जिला महामंत्री राजूभाऊ पडंगिलवार सहित सुमंत बोंडे, वसंत भाऊ (वर्धा) तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
अपने उद्घाटन भाषण में विधायक बालासाहेब मांगुळकर ने कहा कि यह परियोजना अत्यंत सराहनीय है और बच्चों को भारतीय संस्कृति का ज्ञान देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पाश्चात्य प्रभाव बढ़ने के कारण बच्चों में भारतीय संस्कृति का प्रभाव कम होता जा रहा है, जिसे इस अभियान के माध्यम से मजबूत किया जा सकता है।
कार्यक्रम के अध्यक्ष नितीन माहेश्वरी ने अपने संबोधन में कहा कि गांव-गांव में ऐसे शिक्षा अभियान चलाना बेहद जरूरी है, क्योंकि आज बड़ी संख्या में मराठी स्कूल बंद हो रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाई होती है। यदि हर गांव में ऐसी शैक्षणिक व्यवस्था उपलब्ध हो, तो बच्चों को बेहतर अवसर मिल सकते हैं।
प्रमुख अतिथि चंद्रशेखर चौधरी ने भी इस परियोजना की सराहना करते हुए कहा कि प्रत्येक गांव में ‘सर्वत्र शिक्षा अभियान’ के तहत विद्यालय स्थापित किए जाने चाहिए, ताकि बच्चों को शिक्षा और संस्कृति दोनों का ज्ञान मिल सके।
कार्यक्रम में महाराष्ट्र की प्रमुख प्रतिनिधि मीनाक्षी पानझाडे ने अपने विचार व्यक्त किए और सभी उपस्थित अतिथियों का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम का संचालन आकाश मसराम ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन मीनाक्षी पानझाडे द्वारा किया गया।
इस कार्यक्रम की सफलता में प्रवीण मासाळकर, सोनाली मरगडे, सुरेखा कोरडे, अलका शेळके, अभिलाष कोरडे, रेखा, विद्या पाताल, बन्सी तथा सरस्वती ठाकूर सहित कई कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
