वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:
गोला गोकर्णनाथ स्थित श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर में श्रीहरि के आवेशावतार भगवान श्री भार्गव परशुराम के प्राकट्योत्सव के अवसर पर एक भव्य एवं ज्ञानगर्भित संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
इस पावन अवसर पर तपस्या के तेज से आलोकित परमपूज्य स्वामी सिद्धेश्वरानंद गिरी महाभाग (महंत, श्री नीलकंठेश्वर महादेव-वैष्णव माता मंदिर, लखनऊ एवं नागा सन्यासी, जूना अखाड़ा) तथा प्रतिष्ठित लेखक एवं विचारक श्री रामबाबू पांडेय (कृपापात्र शिष्य, श्रीमद् शंकराचार्य, पुरी) का सान्निध्य प्राप्त हुआ।
अपने ओजस्वी प्रवचनों में संतों ने भगवान परशुराम की दिव्य लीलाओं, धर्म के वास्तविक स्वरूप तथा ब्राह्मणत्व के गौरव पर गहन प्रकाश डाला। उनके सारगर्भित उद्बोधनों से उपस्थित श्रद्धालु आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में द्विज सहायता समिति के पदाधिकारी डॉ. सौरभ दीक्षित, डॉ. आदर्श दीक्षित, दीपक मिश्र, मनोज मिश्र तथा आचार्य लवकुश अवस्थी शास्त्री की भूमिका सराहनीय रही।
संगोष्ठी का संयोजन आचार्यशंकर भारत उद्भासक मण्डल की गोला गोकर्णनाथ इकाई द्वारा किया गया। इस अवसर पर मण्डल के केंद्रीय सचिव मिलिंद शुक्ल, कमल नयन शुक्ल एवं अनिकेत सहित बड़ी संख्या में सनातन धर्मावलंबी उपस्थित रहे।
समापन पर जनसमूह ने संत-मनीषियों के चरणों में श्रद्धा निवेदित की। श्रद्धालुओं के अनुसार, ऐसी शास्त्रज्ञ विभूतियों के दर्शन वास्तव में ईश्वरीय कृपा का ही प्रतिफल हैं।
