सद्दाम हुसैन, ब्यूरो चीफ, लखनऊ (यूपी), NIT:
गोसाईगंज एसीपी प्रशिक्षु सारिका चौधरी, थाना प्रभारी निरीक्षक दिलेस कुमार सिंह, एसआई प्रभात शुक्ला और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही चोरी किया गया पूरा माल भी बरामद कर लिया गया है।
घटना 4 अप्रैल 2026 की है, जब राजस्थान से बाराबंकी जा रहा एक ट्रक बीच रास्ते में फोन कॉल के जरिए रोका गया। कॉल करने वाले ने खुद को फर्म का मालिक बताते हुए ड्राइवर को गोसाईगंज में माल उतारने के निर्देश दिए। इसके बाद ‘मुंशी भेजने’ का झांसा देकर तीन आरोपी डाला और ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर मौके पर पहुंचे और ट्रक से 1180 बोरी पीओपी (POP) उतरवा ली।
बाद में इस माल को कबीरपुर गांव के एक किराए के कमरे में छिपा दिया गया। मामले का खुलासा तब हुआ, जब असली फर्म से संपर्क करने पर पता चला कि माल वहां पहुंचा ही नहीं। इसके बाद ट्रक चालक की शिकायत पर पुलिस हरकत में आई।
पुलिस ने मामले की जांच के लिए टीमें गठित कीं और 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। सर्विलांस की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई। 17 अप्रैल को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के बेली अंडरपास के पास से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी निशानदेही पर पूरा माल भी बरामद कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तौफीक आलम, राजबाबू और गुलाम गौस के रूप में हुई है, जिन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस हाई-प्रोफाइल चोरी कांड का करीब 72 घंटे में खुलासा पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
