अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE) के अंतर्गत निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश को लेकर राज्य शिक्षा केंद्र ने विद्यार्थियों के हित में एक बड़ा निर्णय लिया है। केंद्र ने एडमिशन की तिथि को बढ़ा दी है। अब विद्यार्थी प्रथम चरण की लॉटरी में चयनित निजी स्कूलों में 25 अप्रैल तक एडमिशन ले सकेंगे। पहले प्रवेश की अंतिम तिथि 15 अप्रैल थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर अभिभावकों और विद्यार्थियों को अतिरिक्त समय दिया गया है। इस संबंध में राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा सभी जिलों को आवश्यक निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री हरजिंदर सिंह ने बताया कि सभी जिलों के कलेक्टर और जिला शिक्षा केन्द्रों के परियोजना समन्वयकों को पत्र भी लिखा गया है, जिसमें कहा गया है कि निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12 (1) (ग) के प्रभावी क्रियान्वयन के अंतर्गत कमजोर वर्ग एवं वंचित समूह के बच्चों के गैर-अनुदान मान्यता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में निःशुल्क प्रवेश के लिए 2 अप्रैल 2026 को ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से आवंटन किया गया था।
अभिभावकों की मांग पर विद्यार्थियों के हित में लिया गया निर्णय:
संचालक, राज्य शिक्षा केंद्र श्री हरजिंदर सिंह ने बताया कि आवंटन के बाद अभिभावकों को 3 अप्रैल 2026 से 15 अप्रैल 2026 तक अपने बच्चों का प्रवेश आवंटित विद्यालय में कराने के निर्देश दिए गए थे। इस दौरान जिन बच्चों ने प्रवेश नहीं लिया, उन्हें एसएमएस के माध्यम से सूचना भी दी गई थी। निर्धारित अवधि के दौरान अधिकांश बच्चों द्वारा प्रवेश प्राप्त कर लिया गया। हालांकि कुछ पालकों द्वारा अवगत कराया गया कि विभिन्न कारणों से निर्धारित अंतिम तिथि तक अपने बच्चों का प्रवेश नहीं करा सके, जबकि वे अपने बच्चे का प्रवेश कराना चाहते है। अभिभावकों की मांग व विद्यार्थियों के हित को देखते हुए अब प्रथम चरण में आवंटित विद्यालय में प्रवेश लेने की अंतिम तिथि को 15 अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 25 अप्रैल 2026 कर दी गई है।
प्रवेश से मना करने पर निजी स्कूलों पर होगी कार्यवाही
राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक ने जिला अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी पालक द्वारा यह शिकायत प्राप्त होती है कि उनके बच्चे को आवंटित निजी विद्यालय में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है, तो इस पर तत्काल कार्रवाई की जाए। संबंधित विकासखंड स्त्रोत समन्वयक (BRC) और जिला परियोजना समन्वयक (DPC) मामले को तुरंत संज्ञान में लेते हुए संबंधित अशासकीय विद्यालय के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करेंगे। साथ ही संबंधित बच्चे को आवंटित विद्यालय में प्रवेश मिल जाए यह भी सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा जिला स्तर पर इस पूरी प्रक्रिया की दैनिक समीक्षा भी दिए गए हैं, जिससे कोई भी पात्र बच्चा प्रवेश से वंचित न रहे।
