अली अब्बास, ब्यूरो चीफ, मथुरा (यूपी), NIT:

अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (एआईजेटीएफ), मथुरा इकाई के बैनर तले टेट लागू करने के विरोध में शिक्षकों, कर्मचारियों और युवाओं ने टैंक चौराहे से विकास बाजार स्थित गांधी मूर्ति तक विशाल मशाल जुलूस निकाला। जुलूस में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हाथों में मशाल और टेट विरोधी नारे लगाते हुए भागीदारी की।
जुलूस के समापन पर गांधी मूर्ति स्थल पर सभा आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे। एआईजेटीएफ के जिला संरक्षक योगराज चाहर, प्रांतीय संयुक्त मंत्री टीएससीटी शैलेंद्र यादव (अटेवा) ने टेट को शिक्षकों के अधिकारों का हनन बताया। प्रदीपिका फौजदार (जिलाध्यक्ष अटेवा) और चेतना सीमा सारस्वत ने कहा कि यह निर्णय महिला शिक्षकों सहित सभी वर्गों को प्रभावित करता है।
मुनीश चौधरी (जिलाध्यक्ष, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ), राजेंद्र चौधरी (प्रदेश अध्यक्ष, यूटा) और गोविंद सिंह चौहान (जिलाध्यक्ष, टीएससीटी) ने संयुक्त रूप से कहा कि यह संघर्ष शिक्षकों की अस्मिता और भविष्य की रक्षा का है। अशोक प्रिय और सुरेशचंद ने इसे कमजोर वर्गों के युवाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला फैसला बताया।
नरेंद्र चौधरी (जिलाध्यक्ष, बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन) ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय वापस नहीं लिया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। ओमप्रकाश सिंह (किसान यूनियन शिक्षक प्रकोष्ठ) ने कहा कि इस मुद्दे पर किसान और शिक्षक एकजुट हैं।
मीडिया प्रभारी मनीष दयाल ने कहा कि शिक्षकों पर जबरन टेट थोपना अन्यायपूर्ण है और इसका खुलकर विरोध किया जाएगा। सभा के अंत में सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में सरकार से टेट लागू करने का निर्णय वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
इस दौरान गीता रावत, अजीत सिंह, जितेंद्र चौधरी, नरेंद्र सिंह, भगवान सिंह, ललित तोगड़िया, राजेश सरोज, गिरीश कौशिक, रीमा सोनकर, चेतना चौहान, सतीश रावत, पुष्पेंद्र चौधरी, करणपाल सिंह, सीमा सारस्वत, लवली पटेल, पूजा चौधरी, सारिका सिंह और रोहित शर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे।

