सद्दाम हुसैन, ब्यूरो चीफ, लखनऊ (यूपी), NIT:
मोहनलालगंज में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पदाधिकारियों द्वारा धरना शुरू किया गया। पहले नायब तहसीलदार गुरप्रीत सिंह ने किसानों से बात करने की कोशिश की, किंतु किसानों ने उनसे वार्ता करने से मना कर दिया।
दोपहर बाद उपजिलाधिकारी पवन पटेल धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों के साथ बैठकर बातचीत की। इस दौरान कुशमौरा में धारा 24 की मेडबंदी से संबंधित प्रकरण को 20 तारीख को नायब तहसीलदार को भेजने के आदेश दिए गए। साथ ही अन्य धारा 24 के मामलों का जल्द निपटारा करने के निर्देश भी दिए गए।
नदौली इंटरनेशनल ड्रेन की सफाई कार्य को स्वयं निरीक्षण कर कराने तथा फसलों का मुआवजा दिलाने की बात कही गई। वहीं सिरौना ड्रेन की सफाई के लिए सिंचाई विभाग खंड-28 को पत्र लिखकर सफाई कराए जाने का आश्वासन दिया गया।
राममिलन मोहम्मदाबाद के खिलाफ दर्ज गलत 115-डी के मुकदमे को समाप्त करने की बात भी स्वीकार की गई। इसके अलावा आगरा एक्सप्रेसवे को बलिया एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली सड़क में पड़ने वाली भूमि के मुआवजे को लेकर किसानों ने कहा कि वे एक करोड़ रुपये प्रति बीघा से कम मुआवजा स्वीकार नहीं करेंगे। इस संबंध में उपजिलाधिकारी ने भूमि अधिग्रहण अधिकारी को अवगत कराने का आश्वासन दिया।
इन आश्वासनों के बाद किसान मान गए और धरना समाप्त कर दिया। प्रदेश सचिव दिनेश यादव ने धरना समाप्त करने के साथ चेतावनी दी कि यदि कार्यवाही में शिथिलता हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान मंडल महामंत्री हरिपाल सिंह (लखनऊ), प्रदेश अध्यक्ष प्रताप बहादुर, प्रदेश महासचिव दिनेश यादव, मंडल उपाध्यक्ष राजेंद्र यादव, जिला अध्यक्ष प्रमोद कुमार, जिला महामंत्री रामसिंह, ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश कुमार, राकेश कुमार, अजय शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष रितेश प्रधान, राकेश यादव, अरविंद कुमार, राम प्रसाद फौजी, साहब दीन फौजी, श्रीकृष्ण दास, पप्पू यादव, अमृत लाल, राममिलन, इमरान मंसूरी सहित सैकड़ों पदाधिकारी मौजूद रहे।
