मक़सूद अली, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:
यहां के श्री वसंतराव नाईक शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं अस्पताल में पोस्टमार्टम (शव परीक्षण) प्रक्रिया के दौरान मृतकों के परिजनों से अवैध रूप से पैसे मांगने और वसूली करने का गंभीर मामला सामने आया है।
इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मृत्यु के कारण पहले से ही शोक में डूबे परिवारों को इस तरह की मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। नागरिकों में इसे लेकर भारी नाराज़गी है। कुछ लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “अस्पताल धीरे-धीरे श्मशान में बदलता जा रहा है।”
इस मामले को लेकर “रुग्ण हक्क संरक्षण समिति” ने अस्पताल के मुख्य अधिष्ठाता को आधिकारिक शिकायत सौंपी है। समिति ने पूरे प्रकरण की गहन जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए ठोस उपाय करने की भी मांग की गई है।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि मरीजों और उनके परिजनों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार का आर्थिक शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। इस दौरान समिति के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें मनीषा तिरणकर, मोबीन शेख, अविनाश धनेवार, सुरजीत सिंह राठौड़, सलीम शेख, आकाश चमेडिया, जिजा तलवारे और उषा श्रीराम शामिल थे।
