सरवर खान ज़रीवाला, भोपाल, NIT;
भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व भले ही पार्टी कार्यकर्ताओं के लिये 75 साल की आयु सक्रिय राजनीति से परे मार्गदर्शक की भूमिका निभाने के लिये कवायद कर रहा हो लेकिन इन सब से परे मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री 87 साल के बाबूलाल गौर फिर से चुनावी मैदान में ताल ठोकने को तैयार हैं। गौर का कहना है कि वह दस चुनाव लड़ चुके है और ग्यारहवा चुनाव भी लड़ना चाहते हैं। गौर की माने तो 1975 में भोपाल आये जयप्रकाश नारायण ने उन्हें जिन्दगी भर जीतने का आशीर्वाद दिया था और वह उसी आशीर्वाद को मानते हुऐ जब तक जिन्दगी है चुनाव लड़ते रहेगें। गौर का यह भी कहना है कि आज भी वह जब किसी कार्यक्रम में जाते हैं तो लोग कहते हैं कि गौर साहब आपको ही चुनाव लड़ना चाहिये। गौर ने कहा कि पार्टी भले ही कुछ भी कहे कि लेकिन वह अपने चुनाव लड़ने के फैसले पर अड़िग हैं। गौर का 2018 विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला पार्टी का तो छोड़िये खुद उनके के घर में मुसीबतें खड़ी कर सकता है। दरअसल गौर की पुत्रवधू, भोपाल की पूर्व महापौर और वर्तमान में भाजपा की प्रदेश मंत्री कृष्णा गौर को बाबूलाल गौर की राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जाता है। वह पिछली बार भी बाबूलाल गौर के अड़ियल रवैये की वजह से गोविन्दपुरा से विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा के बाद भी चुनाव लड़ने से वंचित रह गयीं थीं। इस बार भी कहीं बाबूलाल गौर की जिद कृष्णा के राजनीतिक सफर में बाधा न बन जाये।
