मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:
बुरहानपुर की महापौर माधुरी अतुल पटेल द्वारा बजट के आंकड़े प्रस्तुत करने पर सोशल मीडिया किंग के नाम से मशहूर खानकाह वार्ड पार्षद प्रतिनिधि सैयद इसहाक़ अली ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखते हुए महापौर माधुरी अखिल पटेल को घेरा है। उनके द्वारा लिखे गए लेख को जनसाधारण के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है: बुरहानपुर महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल ने बड़े गर्व के साथ 3.49 अरब का डिजिटल बजट पेश किया…
लेकिन सवाल ये है कि क्या शहर भी सिर्फ स्क्रीन पर ही चमकेगा, या ज़मीन पर भी कुछ बदलेगा?
सड़कों की हालत आज भी टूटी उम्मीदों जैसी है ?
पानी की किल्लत और सफाई व्यवस्था अब भी बदहाल है।
आम जनता आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है।
डिजिटल प्रेजेंटेशन से तालियां तो मिल सकती हैं,लेकिन जनता को राहत सिर्फ ज़ीरो ग्राउंड पर हुए काम से मिलती है, “स्लाइड्स” से नहीं।
सवाल सीधा और सटीक है —
जब पिछले बजट का हिसाब आज तक साफ नहीं,तो इस नए 3.49 अरब पर जनता भरोसा कैसे करे?
हम विपक्ष में जरूर हैं, लेकिन राजनीति नहीं, जनता की बात करते हैं —
सिर्फ “डिजिटल शो” नहीं, धरातल (ज़ीरो ग्राउंड) पर काम चाहिए।
सिर्फ “घोषणाएं” नहीं, उनका हिसाब और परिणाम चाहिए।
बजट बड़ा होना अच्छी बात है…
लेकिन सोच और नीयत भी उतनी ही बड़ी होनी चाहिए, वरना ये सब सिर्फ कागज़ों और स्क्रीन तक सीमित रह जाएगा।
अब वक्त आ गया है, कि माननीय महापौर माधुरी अतुल पटेल चुप्पी तोड़ें और जवाब दें —
(1) इस 3.49 अरब के बजट से आम आदमी को असल में क्या फायदा मिलेगा?और(2) वो फायदा कब तक ज़मीन पर दिखेगा?
क्योंकि जनता अब “डिजिटल वादों” से नहीं,
“जमीनी हकीकत” से जवाब चाहती है।
