मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:
जुन्नारदेव में अन्नदूत वाहन से खाद्यान्न सप्लाई के मामले में एक बार फिर क्षेत्र में विवाद गहरा गया है। लगभग 2 वर्ष पूर्व अधिकृत वाहन के मालिक की मृत्यु हो जाने के बाद आज तक वाहन को उनकी पत्नी के नाम पर पुनः संचालित नहीं किया गया, जो प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है।
अधिकृत वाहन के स्थान पर स्थानीय निजी वाहनों का उपयोग अन्नदूत वाहन के रूप में धड़ल्ले से किया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अधिकृत अन्नदूत वाहन के मालिक स्वर्गीय सुमित पाल की मृत्यु के बाद उनके परिजन कई बार संबंधित कार्यालय पहुंचकर वाहन को पुनः शुरू करवाने के लिए आवेदन और निवेदन दे चुके हैं, लेकिन आज दिनांक तक वाहन संचालन शुरू नहीं किया गया है। इससे प्रशासनिक उदासीनता स्पष्ट नजर आती है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस स्थिति का फायदा उठाकर कुछ निजी परिवहनकर्ता, अधिकारियों की कथित मिलीभगत से, अवैध रूप से परिवहन कार्य कर रहे हैं। ये लोग स्वयं को अधिकृत बताकर खाद्यान्न का परिवहन कर रहे हैं, जबकि शासन द्वारा पूर्व में निर्धारित वाहनों को ही अनुमति दी गई थी।
सूत्रों के अनुसार, सेक्टर क्रमांक 01 आज भी खाली पड़ा है और अधिकृत वाहन को शुरू करने के संबंध में शासन स्तर से कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं हुआ है, जिससे पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सेक्टर क्रमांक 01 के अधिकृत परिवहनकर्ता की मृत्यु के बाद से यह व्यवस्था ठप पड़ी हुई है। इस सेक्टर में नियुक्त वाहन (क्रमांक MP 28 ZD 3169) लंबे समय से निष्क्रिय खड़ा है, जिससे पूरे क्षेत्र में खाद्यान्न वितरण प्रभावित हो रहा है।
इनका कहना है:
“इस संबंध में मामला भोपाल कमिश्नर स्तर पर लंबित है। स्थानीय स्तर पर इसकी प्रक्रिया नहीं होती है।”
— सुमित चौधरी
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी, जुन्नारदेव
