शमसुद्दोहा, ब्यूरो चीफ, गोरखपुर (यूपी), NIT:
अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के जिला संयोजक व विशिष्ट बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश मंत्री एवं जिलाध्यक्ष तारकेश्वर शाही ने कैंप कार्यालय पर आयोजित बैठक में कहा कि टेट अनिवार्यता से मुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन के प्रथम चरण में शिक्षकों ने महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को “शिक्षक की पाती – ईमेल व पोस्टकार्ड भेजो” अभियान के तहत 9 से 15 मार्च तक ईमेल और पोस्टकार्ड भेजकर मानवीय आधार पर अपनी सेवा सुरक्षा की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि यह अभियान सफल रहा है।
उन्होंने बताया कि आंदोलन के दूसरे चरण में 13 अप्रैल को सायं 4 बजे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से कचहरी चौराहा होते हुए शहीद भगत सिंह की प्रतिमा तक मशाल जुलूस निकाला जाएगा, जिसके माध्यम से शिक्षक अपनी मांगों के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करेंगे।
आंदोलन के तीसरे चरण में लखनऊ के इको गार्डन पार्क में विशाल महारैली आयोजित करने का कार्यक्रम भी निर्धारित किया गया है।
संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि अगस्त 2011 से पहले तत्कालीन नियम व शर्तों के तहत नियुक्त शिक्षकों पर टेट की अनिवार्यता लागू करना प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि खेल शुरू होने के बाद उसके नियम नहीं बदले जाते।
बैठक में महासंघ के सह संयोजक संजय राज सिंह, रणधीर सिंह, शिव प्रसाद शर्मा, राजकुमार, सुनील मिश्रा, रणवीर प्रताप शाही, रण विजय सिंह, अजय कन्नौजिया, चन्द्रनाथ राय, अखिलेश्वर मिश्र, संजय चौरसिया, विपिन मिश्रा, देवेश सिंह, संजीव सिंह, गिरजेश शाही, सुरेश पासवान, मो. आसिम, नरसिंह फौजी सहित अन्य पदाधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का संचालन महासंघ के महासचिव त्रिपुरारी दूबे ने किया।
