रहीम शेरवानी हिंदुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

उदय सोशल डेवलपमेंट सोसायटी द्वारा झाबुआ जिले के ग्राम कोटड़ा में बाल श्रम के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। लॉजिस्टिक कारणों के चलते यह कार्यक्रम तीन महीने पहले आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में श्रम विभाग की सब-इंस्पेक्टर नलिनी कटारा (बाल श्रम विभाग) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इसके अलावा माध्यमिक शाला सुजापुरा की प्राचार्य रमिला भीमावत तथा विद्यालय के तीन शिक्षक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस आयोजन में महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और चार गांवों से आए बच्चों सहित 70 से अधिक लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में उदय संस्था की यूनिट डायरेक्टर सुश्री निर्मला मरांडी, झाबुआ टीम के सदस्य, भोपाल से आए कुछ सदस्य तथा संस्था के छह बाल मित्र (प्राथमिक शिक्षक) भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान एडवोकेट एवं उदय टीम की कानूनी सलाहकार हर्षिता अवस्थी ने बाल अधिकारों और बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराई पर एक संक्षिप्त सत्र लिया। बच्चों ने अपनी शिक्षा जारी रखने का संकल्प लिया और इस संदेश को अपने परिवार तथा मित्रों तक पहुँचाने का वादा किया। इस दौरान बच्चों ने विषय से जुड़े पोस्टर भी प्रदर्शित किए।
सब-इंस्पेक्टर नलिनी कटारा ने बाल श्रम से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य साझा करते हुए बताया कि 14 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे से मजदूरी कराना कानूनन अपराध है, जबकि 14 से 18 वर्ष के बच्चों को किसी भी प्रकार के खतरनाक कार्य में नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने बंधुआ श्रम तथा बच्चों से श्रम कराने वालों के लिए भारतीय कानून के तहत निर्धारित दंड के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। बच्चों ने उत्साहपूर्वक संवाद करते हुए इन तथ्यों को समझा और अपनी सक्रिय भागीदारी दिखाई।
कार्यक्रम के अंत में सुश्री निर्मला मरांडी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इसके बाद बच्चों ने अपने-अपने समुदायों में बाल श्रम के विरुद्ध जागरूकता फैलाने का संकल्प दोहराया।

