नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:
2014 से बीजेपी के सरकार में आते हि हिंदू जनाक्रोश से शुरू हुई हिंदुत्व की राजनीति का सफ़र आज 2026 में विराट हिन्दू सम्मेलनों तक लगातार जारी है। नीतेश राणे , संग्राम जगताप , गोपीचंद पड़लकर के बाद इतिहास ने महेश लांडगे का नाम नफरती बयान देने वाले नेताओं की सूची में दर्ज कर लिया है। कपड़े से पहचानने की सलाह देने वाले नरेंद्र मोदी के नेताओं के घृणा और द्वेष से भरे भाषण गांव कस्बों के मासूम बेरोजगारों को भीड़ बनाकर पुलिस के सामने खड़ा कर रहे हैं।
जलगांव के शेंदुर्णी में शिवाजी महाराज के शिल्प अनावरण को लेकर बवाल पैदा किया गया जिसके कारण पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा है। मंत्री गिरीश महाजन के कहे मुताबिक जामनेर ब्लॉक के हर बड़े कस्बे में शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित की जा रही है। शेंदुर्णी में अंजान तत्वों ने शिवाजी महाराज कि प्रतिमा अनावरण के लिए प्रशासन की ओर से हो रहे विलंब को मुद्दा बनाकर विवाद खड़ा करने का प्रयास किया।
मंत्री महाजन की गैर मौजूदगी के चलते प्रतिमा अनावरण को टालने के नगर पंचायत के निर्णय से नाराज शिव प्रेमियों के जत्थे को पुलिस की सख्ती का सामना करना पड़ा। इस दौरान बवाल पैदा करने वाले कथित उपद्रवी पहले हि गायब हो गए। पूरे मामले में नगर अध्यक्ष और बीजेपी नेता गोविंद अग्रवाल की भूमिका को लोग संदेह की नज़र से देख रहे हैं। महाराष्ट्र में राइट विंग के सैकड़ों संगठन हैं जो सत्ता के आशीष से अव्यवस्था फैला रहे हैं।
विपक्ष बार बार आरोप लगा रहा है कि देवेंद्र फडणवीस सरकार महाराष्ट्र में हिंदू मुस्लिम दंगे भड़काने का षडयंत्र रच रही है ! दिवंगत कॉमरेड गोविंद पानसरे अपनी किताब शिवाजी कोण होता में लिखते है कि ” जब महान शख्सियतों की भगवान समान पूजा होने लगती है तब लोगों पर यह दायित्व नहीं रहता कि वे उन महान शख्सियतों की तरह आचरण करे”।
