मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:
वर्ष 2026 की प्रथम लोक अदालत का आयोजन 14 मार्च 2026, शनिवार को कुटुंब न्यायलय बुरहानपुर में होना है।कुटुंब न्यायालय बुरहानपुर के प्रधान न्यायाधीश महोदय आली जनाब तनवीर अहमद खान ने कहा
की आपसी समझौतों के आधार पर न्यायालय में लम्बित सभी प्रकार के मुकदमे, जो भरण पोषण बाबत धारा 144 ( 125 द. प्र. स.)एवं 146 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता धारा 144 (3)भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता भरण पोषण राशि की वसूली बाबत,धारा 09 हिन्दू विवाह अधिनियम, मुस्लिम वैवाहिक संबंधो की पुनर्स्थापना तथा अन्य राज़ीनामा योग्य प्रकरणों का निराकरण आपसी समझौतों के आधार पर कराकर लाभ उठाएं। बता दें कि लोक अदालत का फैसला अंतिम होता है जिसकी कोई अपील नही होती है।
कुटुंब न्यायालय बुरहानपुर के प्रधान न्यायाधीश जनाब तनवीर अहमद खान ने हाई कोर्ट जबलपुर द्वारा पदस्थ कुटुंब न्यायालय के परामर्शदाताओ सर्व श्री वरिष्ठ काउंसलर महेंद्र जैन,संदीप शर्मा, मोहतरमा अलमास अब्दुल वकील खान एडवोकेट की एक बैठक ली बैठक में यह निर्देश प्रदान किए गए कि पारिवारिक प्रकरणों से सम्बन्धित प्रकरण में आपसी समझौते के आधार पर ज़्यादा से ज़्यादा प्रकरणों का निराकरण हो, यही मुख्य उद्देश्य लोक अदालत का है।
माननीय ने बताया की पक्षकारो को बार बार न्यायालय नही आना पड़ता है। समय की बचत होती है।आर्थिक परेशानियों से छुटकारा मिलता है और दोनों परिवार में सामंजस्य का वातावरण बनता है। अतः पक्षकारो से अपेक्षा है कि उपस्थित होकर 14 मार्च 2026 को आयोजित नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों का निराकरण करवाने में सहयोग प्रदान करे एवं इस सुअवसर का लाभ उठाकर अपने सम्बन्ध मधुर बनाएं। परिवार, कुटुंब एवं समाज में खुशहाली लाएं।
