कासिम खलील, बुलढाणा ( महाराष्ट्र ), NIT;
बुलढाणा की जिला सहकारी बैंक किसानों के हित के लिये है। यह बैंक कायम रहे हमारा यही प्रयास रहा है, किंतु बैंक कर्मचारी बकायादार किसानों से कर्ज वसुलने के लिये जबरदस्ती कर रहे हैं, यह ठीक नहीं है। पहले उन बडे बकायादार नेताओं से कर्ज वसुला जाए जिनके कारण इस बैंक का दिवाला निकल गया था। ऐसी मांग महाराष्ट्र राज्य वस्त्रोद्योग महामंडल के अध्यक्ष ना.रविकांत तुपकर ने की है।
बुलढाणा में आज आयोजित पत्रकार परिषद में ना.रविकांत तुपकर ने आगे बताया की इस साल अधिक वर्षा होने से सोयाबीन की फसल दागदार हो गई है जिस कारण किसानों को सोयाबीन के दाममकम मिल रहे हैं। किसानों की इसी ऐसी स्थिति होने के बावजुद बुलढाणा जिला सरकारी बैंक ने किसानों को नोटीस भेजकर कर्ज भरने अन्यथा उनकी जायजाद जब्त कर निलाम करकरने की चेतावनी दी है। यह नोटिस मिलने के बाद से किसान काफी परेशान हो गए हैं। किसानों पर इसे अन्याय बताते हुए ना.तुपकर ने आगे कहा की बुलढाणा जिले के जिन बडे-बडे नेताओं ने किसानों को रोजगार देने के नाम पर करोड़ों रूपए का कर्ज लिया है। पहले उन बडे नेताओं और संचालक मंडल की जायजाद जब्त कर निलाम की जाए। इन बडे 20 बकायादारों पर ब्याज सहीत करीब 210 करोड़ रूपए बकाया है। बडे नेताओं पर करोड़ों का बकाया होते हुए भी बैंक प्रशासन उन्हें परेशान करने के बजाय गरीब किसानों को तंग कर रहा है, जिसे स्वाभिमानी किसान संगठन बर्दाश्त नहीं करेगी। ऐसी चेतावनी भी ना.तुपकर ने दी। इस पत्रकार परिषद में स्वाभिमानी किसान संगठन के डॉ.विनायक वाघ, राणा चंद्रशेखर चंदन, सुजित राजपूत, बबनराव पाटील मौजूद थे।

बडीया कासीम भाई