अशफ़ाक़ क़ायमखानी, ब्यूरो चीफ़, जयपुर (राजस्थान), NIT:
समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश देने वाले मनोज लांबा सचमुच प्रशंसा के पात्र हैं। Rajasthan के चूरू पुलिस लाइन में हेड कांस्टेबल के पद पर कार्यरत मनोज लांबा ने अपने बेटे की शादी में एक भी पैसा दहेज के रूप में न लेने का संकल्प लेकर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
इतना ही नहीं, उन्होंने अपने पिता की भूमि में से 11 बीघा जमीन गौशाला को दान करने का भी पवित्र निर्णय लिया है।
उनकी सामाजिक सरोकार से जुड़ी इस पहल की पूरे इलाके में भूरि-भूरि प्रशंसा हो रही है।
मनोज लांबा का यह कदम न केवल दहेज जैसी कुरीति के खिलाफ एक सशक्त संदेश है, बल्कि समाज को सेवा, त्याग और संस्कार की राह पर चलने की प्रेरणा भी देता है।
