मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, नई दिल्ली, NIT:

उर्दू अकादमी दिल्ली सरकार के सहयोग से समाज सुधार ट्रस्ट के तत्वावधान में अब्बासी हॉल (चौपाल), अज़ीम डेयरी, जामिया नगर, नई दिल्ली में एक भव्य “ऑल इंडिया मुशायरा” आयोजित किया गया। यह आयोजन समाज सुधार ट्रस्ट के आठवें स्थापना दिवस के अवसर पर संपन्न हुआ।
इस भव्य मुशायरे का आयोजन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त उर्दू शायर और नाज़िम-ए-मुशायरा जनाब एजाज़ अंसारी देहलवी के प्रयासों से संभव हो सका। मुशायरे की अध्यक्षता पद्मश्री प्रोफेसर अख्तरूल वासेअ साहब ने की। आयोजकों ने इस मुशायरे को कौमी एकता के नाम समर्पित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत मंच पर उपस्थित प्रमुख अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से शमा रोशन (दीप प्रज्वलन) करके की गई। उद्घाटन भाषण में प्रोफेसर अख्तरूल वासेअ ने ज्ञान और शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आयोजकों की सराहना की।
क्षेत्रीय पार्षद शोएब दानिश मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि डॉ. शहजादा सिद्दीकी (दुबई) सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल हुए। पार्षद शोएब दानिश ने उर्दू भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार में एजाज़ अंसारी के योगदान की प्रशंसा की और भविष्य में सहयोग का आश्वासन दिया।
मशायरे की निज़ामत (मंच संचालन) एजाज़ अंसारी ने की, जबकि प्रारंभिक संचालन असलम बेताब ने किया। समाज सुधार ट्रस्ट के अध्यक्ष मोहम्मद सगीर अब्बासी और संयोजक एजाज़ अंसारी ने सभी अतिथियों और शायरों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया।
इस अवसर पर उत्कृष्ट योगदान देने वालों को सम्मानित भी किया गया। मसरूर अहमद को सर्वश्रेष्ठ बीएलओ अवॉर्ड प्रदान किया गया, वहीं सभी प्रतिभागी शायरों को ट्रस्ट की ओर से मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
मुशायरे में प्रमुख शायरों में शेदा अमरोही, डॉ. अना दहली, डॉ. जलील बुरहानपुरी, नफ़ीस कानपुरी, इकबाल अंसारी (मुंबई), हामिद अली अख्तर, राम श्याम हसीन, असलम बेताब, सबा अज़ीज़, जावेद अब्बासी, मुशफिक बछरायूनी, इब्राहीम अल्वी, एहतेराम सिद्दीकी सहित अन्य शायर शामिल रहे।
कार्यक्रम के समापन पर समाज सुधार ट्रस्ट के अध्यक्ष मोहम्मद सगीर अब्बासी ने सभी अतिथियों, शायरों और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने ट्रस्ट की सामाजिक गतिविधियों जैसे नशा मुक्ति अभियान और आधार कार्ड सुधार कार्यों की भी जानकारी दी। इस अवसर पर अन्य राज्यों से आए अब्बासी समुदाय के प्रतिष्ठित व्यक्तियों का भी सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में समाज सुधार ट्रस्ट की पूरी टीम और पदाधिकारीगण उपस्थित रहे, जिससे यह साहित्यिक आयोजन यादगार और सार्थक बन गया।
