भारी कर्ज के विरोध में कांग्रेस विधायक दल का प्रदर्शन, उमंग सिंघार ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर साधा निशाना | New India Times

जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

भारी कर्ज के विरोध में कांग्रेस विधायक दल का प्रदर्शन, उमंग सिंघार ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर साधा निशाना | New India Times

विधानसभा सत्र का तीसरा दिन: सरकार द्वारा लिए जा रहे भारी कर्ज के विरोध में कांग्रेस विधायक दल का जोरदार विरोध प्रदर्शन।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक हाथों में खाली गुल्लक और नारे लिखी तख्तियां लेकर पहुंचे तथा सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
विधानसभा सत्र के तीसरे दिन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने प्रदेश सरकार द्वारा लगातार लिए जा रहे भारी कर्ज के विरोध में जोरदार सांकेतिक प्रदर्शन किया।

भारी कर्ज के विरोध में कांग्रेस विधायक दल का प्रदर्शन, उमंग सिंघार ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर साधा निशाना | New India Times

विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष कांग्रेस विधायक हाथों में खाली गुल्लक और नारे लिखी तख्तियां लेकर पहुंचे तथा सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। इस दौरान विधायकों ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश सरकार आंकड़ों की बाजीगरी में लगी हुई है, जबकि राज्य पर कुल कर्ज बजट से भी अधिक हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार कर्ज पर कर्ज ले रही है, जिससे मध्यप्रदेश के हर वर्ग पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है और सरकार ने प्रदेश पर 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लाद दिया है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह कोई गुल्लक नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की तिजोरी है, जिसे सरकार और उसके मंत्री खाली कर रहे हैं। पूरा प्रदेश महंगाई और कर्ज के भारी बोझ तले दब गया है और आम आदमी की कमर टूट चुकी है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बजट सत्र से पहले ही सरकार द्वारा 5,600 करोड़ रुपये का कर्ज लिया जाना इस बात का संकेत है कि प्रदेश को कर्ज के बोझ तले दबाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के टैक्स के पैसों से कर्ज लेकर केवल दिखावटी विकास कर रही है और जनता को भ्रमित किया जा रहा है।

आर्थिक सर्वेक्षण को झूठ का पुलिंदा बताते हुए उमंग सिंघार ने दावा किया कि सर्वेक्षण में प्रति व्यक्ति मासिक आय 15 से 20 हजार रुपये बताई गई है, जो जमीनी हकीकत से कोसों दूर है। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से प्रदेश की वास्तविक आर्थिक स्थिति सार्वजनिक करने और बढ़ते कर्ज पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग भी की।

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