विवेक जैन, बागपत (यूपी), NIT:
बड़ौत के सुभाष नगर में दिल्ली–सहारनपुर हाईवे पर स्थित पांचाल म्यूजिक सेंटर एवं संगीत महाविद्यालय के संचालक एवं सुप्रसिद्ध संगीतकार व संगीतज्ञ पंडित रामशरण पांचाल संगीत शिक्षा के क्षेत्र में बागपत को गौरवान्वित कर रहे हैं। वे सुर, लय और ताल की गहरी समझ रखते हैं और एक असाधारण बहु-वाद्ययंत्र वादक हैं, जो अनेक प्रकार के वाद्ययंत्र बजाने में निपुण हैं।
उनके म्यूजिक सेंटर एवं संगीत महाविद्यालय में प्रयाग संगीत समिति, इलाहाबाद तथा भातखंडे संगीत विद्यापीठ, लखनऊ के कोर्स संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें लगभग 132 विद्यार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। पंडित रामशरण पांचाल देश के सुप्रसिद्ध संगीतकार एवं संगीतज्ञ स्वर्गीय मास्टर दयाचंद जी के सुपुत्र हैं।
स्वर्गीय मास्टर दयाचंद जी की एक संगीत कंपनी थी, जिसके माध्यम से उन्होंने देशभर के बड़े-बड़े मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन कर संगीत विद्या का लोहा मनवाया और बागपत को संगीत के क्षेत्र में अलग पहचान दिलाई। पंडित रामशरण पांचाल को संगीत की यह शिक्षा अपने पिता से विरासत में मिली है।
उनके यहां सभी प्रकार के वाद्ययंत्रों का विक्रय किया जाता है तथा हारमोनियम, तबला, सितार, गिटार आदि वाद्ययंत्रों की मरम्मत भी वे स्वयं करते हैं। उनके एक पुत्र अमित पांचाल छत्तीसगढ़ के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में म्यूजिक टीचर हैं, जबकि दूसरे पुत्र नितिन पांचाल पटना के बिहटा आवासीय विद्यालय में म्यूजिक टीचर हैं।
सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने वाले पंडित रामशरण पांचाल के बारे में संगीत प्रेमी दीपक राठी ने कहा कि संगीतकार ईश्वर का अनमोल उपहार होते हैं, जो अपनी कला से नीरस जीवन में भी रंग भर देते हैं। हमें ऐसे महान कलाकारों का सम्मान करना चाहिए।
पंडित रामशरण पांचाल ने संगीत शिक्षा को लोगों तक पहुंचाने में सहयोग करने के लिए ड्राइंग एवं पेंटिंग में पीएचडी डिग्री प्राप्त हरियाणा सरकार के फाइन आर्ट लेक्चरर व संगीत प्रेमी डॉ. सुधीर कुमार शर्मा, दीपक राठी तथा सभी सहयोगियों की प्रशंसा और सराहना की।
