जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:
मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने भारतीय सेना की वरिष्ठ अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर मई 2025 में दिए गए विवादित बयान को लेकर अब तक कई बार सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। हाल ही में फरवरी 2026 में उन्होंने चौथी बार सार्वजनिक माफी दी।
विवाद की पृष्ठभूमि
मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। इस ऑपरेशन के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी ने मीडिया को ब्रीफिंग दी, जिससे वे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हुईं।
इसी दौरान मंत्री विजय शाह ने इंदौर के पास एक सार्वजनिक कार्यक्रम में विवादित बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कर्नल कुरैशी को अप्रत्यक्ष रूप से “आतंकवादियों की बहन” कहकर संबोधित किया। इस बयान को धर्म और पहचान से जोड़कर देखा गया, जिससे देशभर में आक्रोश फैल गया। बयान को सेना की महिला अधिकारी के खिलाफ अपमानजनक और भेदभावपूर्ण माना गया।
कानूनी स्थिति
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज करने का आदेश दिया। मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। सुप्रीम कोर्ट ने मंत्री की माफी को अपर्याप्त बताया, SIT जांच के आदेश दिए और राज्य सरकार से अभियोजन की मंजूरी पर निर्णय लेने को कहा। जनवरी 2026 में सरकार को दो सप्ताह में फैसला करने का निर्देश दिया गया था। फरवरी 2026 में सुनवाई दो बार टल चुकी है। मामला अभी भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
माफी और समाज की प्रतिक्रिया
विजय शाह अब तक कम से कम चार बार सार्वजनिक माफी मांग चुके हैं।
• मई 2025 में बयान को भाषाई भूल बताया।
• बाद में देशभक्ति के जोश में कही गई बात बताया।
• फरवरी 2026 में इंदौर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लिखित बयान पढ़ते हुए माफी मांगी और भविष्य में भाषा पर नियंत्रण रखने की बात कही।
इस बीच कुछ समर्थक समूहों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर केस खारिज करने की मांग भी की है। हालांकि, मामला न्यायालय में लंबित होने के कारण राष्ट्रपति स्तर पर सीधे हस्तक्षेप की संभावना सीमित है।
यह मामला सेना की गरिमा, महिला अधिकारियों के सम्मान और राजनीतिक बयानबाजी की मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई से स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
