पांढुर्णा सीमावर्ती गांवों में बारूदी ब्लास्टिंग से दहशत, ग्रामीणों ने नुकसान भरपाई की मांग को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन | New India Times

मोहम्मद सिराज, ब्यूरो चीफ, पांढुर्णा (मप्र), NIT:

पांढुर्णा सीमावर्ती गांवों में बारूदी ब्लास्टिंग से दहशत, ग्रामीणों ने नुकसान भरपाई की मांग को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन | New India Times

जिले के सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में बारूदी ब्लास्टिंग से भय और नुकसान का माहौल बना हुआ है। पांढुर्णा जिले के दस से अधिक गांवों के ग्रामीणों ने जिला बैतूल अंतर्गत प्रभात पट्टन तहसील के ग्राम घाटबिरोली में स्थित इम्प्लोक्लेड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा लगातार किए जा रहे बारूदी ब्लास्टिंग पर रोक लगाने और हुए नुकसान की भरपाई की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।

ग्रामीणों ने बताया कि वे पांढुर्णा जिले के ग्राम पीपलपानी, बोरगांव, चाटवा, देवनाला, सातभाई ढाना, खेड़ी, राखीढाना और मोही के निवासी हैं। ये सभी गांव पांढुर्णा और बैतूल जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित हैं।

ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम घाटबिरोली स्थित कंपनी द्वारा विस्फोटक वेल्डिंग प्रक्रिया के तहत हाई विस्फोटक ऊर्जा का उपयोग कर लगातार बारूदी ब्लास्टिंग की जा रही है। इससे पांढुर्णा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्त्रोत, जंगल, भूमि, पशु-पक्षी, पर्यावरण और जनजीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।

लगातार हो रही ब्लास्टिंग के तेज कंपन से किसानों के कुएं धंस गए हैं और भूजल स्तर नीचे चला गया है। घरों की दीवारों, स्कूलों, आंगनबाड़ी भवनों, जलाशयों की दीवारों और पानी की टंकियों में दरारें आ गई हैं। कंपन से बिजली के खंभे गिरने की भी आशंका बनी रहती है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ब्लास्टिंग से वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे मानव स्वास्थ्य के साथ-साथ वन्यजीव और पहाड़ी क्षेत्र भी प्रभावित हो रहे हैं। क्षेत्र में हमेशा जान-माल के नुकसान की आशंका बनी रहती है।

ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की कि कंपनी द्वारा किए जा रहे बारूदी ब्लास्टिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा किसानों के खेत, कुएं और सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।

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