मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

लालबाग और सिंधी बस्ती से लेकर कलेक्ट्रेट तक का मार्ग पिछले कई वर्षों से विवाद का कारण बना हुआ है और लगातार समाचार पत्रों की सुर्खियों में बना रहता है। आम जनता की परेशानियों को देखते हुए भीम आर्मी सेवा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री दत्तू मेढ़े ने जिला प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि बुरहानपुर के सिंधी बस्ती से कलेक्टर तहसील मार्ग पर गड्ढों से ज्यादा ब्रेकर बना दिए गए हैं। सड़कों की हालत पहले से ही खराब होने के कारण वाहन धीमी गति से चलते हैं, ऐसे में इतने अधिक ब्रेकर बनाने की कोई आवश्यकता नहीं थी। यदि ब्रेकर बनाने में उपयोग किया गया मटेरियल गड्ढे भरने में लगाया जाता, तो सड़क की स्थिति बेहतर हो सकती थी।
दत्तू मेढ़े ने आरोप लगाया कि जनता की समस्याओं की किसी को चिंता नहीं है और यहां नेताओं की मर्जी के बिना कुछ भी नहीं होता। यदि कोई आवाज उठाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी दी जाती है। उन्होंने दबे शब्दों में यह भी सवाल उठाया कि कहीं यह मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजकर मोटी रकम कमाने का नया तरीका तो नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि पिछले कई वर्षों से बुरहानपुर-रावेर राज्य मार्ग खस्ताहाल पड़ा हुआ है। कई आंदोलनों के बाद गड्ढों को भरा गया, लेकिन सही लेवल न होने के कारण वे भी खतरनाक साबित हो रहे हैं। सड़क की मंजूरी को लेकर अब तक केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है, जो जनता के लिए एक लॉलीपॉप साबित हो रहा है।
दत्तू मेढ़े ने जिला प्रशासन से मांग की कि सड़क को खुदवाकर समतल (प्लेन) किया जाए, क्योंकि जिले में रीढ़ की हड्डी और कमर दर्द के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके लिए उन्होंने स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि जनता जल्द ही वोट के माध्यम से जवाब देगी।
