जमशेद आलम, नई दिल्ली, NIT:
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।
याचिका में कहा गया है कि मुख्यमंत्री का 27 जनवरी का बयान नफरत फैलाने वाला और दो समुदायों के बीच विभाजन पैदा करने वाला था।
याचिका के अनुसार, मुख्यमंत्री ने 4–5 लाख “मियां” मतदाताओं के नाम चुनावी सूची से हटाने की बात कही थी और “मियां” शब्द का इस्तेमाल किया, जिसे असम में मुस्लिम समुदाय के लिए अपमानजनक माना जाता है।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि मुख्यमंत्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि कोई भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति भविष्य में इस तरह के बयान न दे।
