जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

संभागायुक्त श्री संजीव सिंह ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ‘एक जिला–एक उत्पाद’ योजना के अंतर्गत संभाग के सभी जिलों के उत्पादों की प्रभावी ब्रांडिंग की जाए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती करने वाले किसानों के उत्पादों को बेचने के लिए स्थानीय स्तर पर बाजार उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
संभागायुक्त ने कहा कि समाज में महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विभागीय पोर्टल की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करें। अगली टीएल बैठक में इन रिपोर्टों के आधार पर विभागीय समीक्षा की जाएगी।
टीएल बैठक में संभाग के सभी जिलों में किसान सम्मान निधि एवं प्राकृतिक आपदा राहत वितरण राशि के प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण न करने वाले तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही बैठक में बिजली विभाग के अधिकारी एवं संयुक्त संचालक, अर्बन डेवलपमेंट के अनुपस्थित रहने पर भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
संभागायुक्त श्री सिंह ने कलेक्टर्स–कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस के तहत कृषि एवं संबद्ध विभागों की समीक्षा करते हुए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, उद्यानिकी तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक जिला–एक उत्पाद योजना के अंतर्गत संभाग के पांच जिलों के कृषि आधारित उत्पादों—भोपाल का जामफल, सीहोर का शरबती गेहूं, विदिशा के कृषि उपकरण तथा राजगढ़ के संतरों—को विशेष पहचान दिलाने के लिए मंडी व्यापारियों, संगठनों एवं स्टार्ट-अप्स के माध्यम से बैठकें आयोजित की जाएं।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती करने वाले किसानों के उत्पादों के विक्रय हेतु भोपाल शहर सहित सभी जिलों में उपयुक्त स्थान चिन्हित कर सुनिश्चित किए जाएं।
टीएल बैठक में संयुक्त संचालक कृषि श्रीमती सुमन प्रसाद ने जानकारी दी कि सीहोर के शरबती गेहूं को जीआई टैग दिलाने की प्रक्रिया प्रचलन में है। उन्होंने बताया कि संभाग के सभी जिलों में प्राकृतिक एवं जैविक खेती करने वाले किसानों को विभागीय योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
संभागायुक्त श्री सिंह ने पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्रियों से जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता की जानकारी वॉटर क्वालिटी मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम के माध्यम से ली।
उन्होंने सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि 100 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही राजस्व प्रकरणों—नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन—को अधिकारी प्रो-एक्टिव होकर निर्धारित समय-सीमा में निराकृत करें।
संभागायुक्त ने शिक्षा के क्षेत्र में सीहोर जिले के हाई स्कूलों में स्मार्ट क्लासेस स्थापित किए जाने की सराहना करते हुए अन्य जिलों को भी सीएसआर, सामाजिक संगठनों एवं समाजसेवियों के माध्यम से स्कूलों में स्मार्ट क्लासेस विकसित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा उन्होंने कृषि एवं किसान कल्याण, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभागों को विभिन्न योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक हितग्राहियों तक पहुंचाने तथा प्राकृतिक आपदा से मकान क्षति एवं पशु हानि के प्रकरणों में आर्थिक सहायता राशि समय पर प्रदान करने के निर्देश दिए।
बैठक में उपायुक्त राजस्व श्रीमती किरण गुप्ता, संयुक्त संचालक श्रीमती नकी जहां कुरैशी, उपायुक्त श्रम श्रीमती जैसमीन सितारा, संयुक्त संचालक पशुपालन विभाग श्री सुनील परनाम सहित संभागीय अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
