मौत के बाद जागेगा सिस्टम ? छोटी-छोटी ज़रूरतों के लिए एक नज़र का मोहताज बना मंत्री जी का शहर | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

मौत के बाद जागेगा सिस्टम ? छोटी-छोटी ज़रूरतों के लिए एक नज़र का मोहताज बना मंत्री जी का शहर | New India Times

सुप्रीम कोर्ट की मेहरबानी से संपन्न निकाय चुनावों के बाद जनता द्वारा चुने लोगों ने शहरों की बागड़ोर संभाल ली है। जलगांव में कमीशन के लिए कुछ महीनों पहले बनाई सीमेंट की सड़कें उखाड़कर फ़िर से नई बनाई जा रही है। बस स्टैंड एस पी ऑफिस के सामने वाली सड़क ठेकेदार और किसी नेता का पेट भर रही है। फ़ोटो में छपी पंडित नेहरू की प्रतिमा पर गौतम अडानी का ब्रांड चिपका दिया गया है। देवेन्द्र फडणवीस सरकार के जलसंपदा विभाग के नंबर 2 मंत्री गिरीश महाजन के होम टाउन जामनेर में समस्याएं दर्शना अब सरकार की शान में अपमान समझा जाने लगा है।

मौत के बाद जागेगा सिस्टम ? छोटी-छोटी ज़रूरतों के लिए एक नज़र का मोहताज बना मंत्री जी का शहर | New India Times

जामनेर के बीच से जाने वाली पहुर-भुसावल सड़क निर्माण के बाद विजिबिलिटी खो चुके बड़े-बड़े नाले मासूमों की जान लेने के लिए मगरमच्छ की तरह मुंह खोलकर बैठे हैं। नालों को कोई बैरिकेटिंग नहीं सुरक्षा दीवार नहीं और प्रधान सेवक के किसी भी राष्ट्रभक्त की कोई ज़िम्मेदारी नहीं। न्यू इंग्लिश स्कूल से लेकर चार साल से कांग नदी पर बन रहे नए ब्रिज के ज़ीरो को जोड़ने की प्रतिक्षा में खड़े दूसरे ब्रिज तक का खुला नाला किसी को किसी भी समय निग़ल सकता है।

वाकी रोड के इलाक़े को बीड के सारडा ने सीमेंट से पोत दिया है लेकिन बचे हुए शहर के लिए नए ठेकेदार से बातचीत नतीजे की प्रतिक्षा में है। जनता मांग कर रही है कि इस मामले को लेकर सदन के नेता विपक्ष जावेद इकबाल अब्दुल रशीद मुल्लाजी पुरजोर तरीके से पैरवी करें। सोशल मीडिया पर लिखने वाले अवसर (अर्थ) वादी और प्रोपेगेंडावादीयों की प्रासंगिकता जनता के बीच ख़त्म हो गई है। भारत का लोकतंत्र जनता द्वारा जनता के सहयोग से भगवान भरोसे चलाया जा रहा है। विधायिका कार्यपालिका न्याय पालिका और नगर पालिका का अस्तित्व शानदार इमारतों तक सीमित रह गया है।

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