फैज़ान खान, गुरुग्राम/नई दिल्ली, NIT:
भीमसेना के राष्ट्रीय प्रमुख नवाब सतपाल तंवर ने गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर अपनी नई राजनीतिक पार्टी संविधान सुरक्षा पार्टी (एसएसपी) की औपचारिक घोषणा कर देश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी।
ग्राम खांडसा स्थित अम्बेडकर चौपाल (एकलव्य ग्राम) से शुरू हुई ‘संविधान यात्रा’ के तहत लगभग 10 किलोमीटर लंबा विशाल काफिला निकाला गया।
इस काफिले में हाथी, घोड़े, ऊंट, काली थार, काली स्कॉर्पियो सहित लग्जरी वाहन, पंजाब से आए नीले खालसा सरदारों की तलवारबाजी व गटका प्रदर्शन, आर्मी बैगपाइपर बैंड की धुनें, नीले एसएसपी झंडे और तिरंगे के साथ हजारों भीम सैनिक शामिल रहे।
संविधान यात्रा दोपहर 1 बजे खांडसा से प्रारंभ होकर गुरुग्राम जिला न्यायालय परिसर में संपन्न हुई, जहाँ चार घंटे से अधिक समय तक कार्यक्रम चला। इस दौरान शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही और पुलिस प्रशासन को स्थिति संभालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
कार्यक्रम की शुरुआत में नवाब सतपाल तंवर ने तिरंगा और पंचशील ध्वज फहराया। उन्होंने अपने माता-पिता और बुजुर्गों से आशीर्वाद लेकर संबोधन में कहा कि भारतीय संविधान को पूर्ण रूप से लागू कराने और उसकी रक्षा के लिए भीमसेना पिछले 15 वर्षों से संघर्ष कर रही है। संविधान सुरक्षा पार्टी का गठन इस संघर्ष को नई दिशा और नई ऊँचाइयाँ देगा।
उन्होंने कहा कि एसएसपी आने वाले समय में एक बड़ा जनआंदोलन बनेगी, जो संविधान की रक्षा, बहुजन समाज के अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित रहेगी।
काफिले के दौरान देशभक्ति गीतों और भीमसेना समर्थक नारों से माहौल गूंजता रहा। पंजाब से आए खालसा सरदारों के गटका प्रदर्शन और आर्मी बैगपाइपर बैंड ने कार्यक्रम को और अधिक जोशीला बना दिया।
भीमसेना समर्थकों ने इसे ‘संघर्ष से सत्ता तक का सफर’ बताया है। सोशल मीडिया पर एसएसपी को भीमसेना की राजनीतिक शाखा के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ नवाब सतपाल तंवर को ‘संविधान रक्षक’ के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना देश की राजनीति में एक नई शक्ति के उभरने का संकेत है और छोटे-बड़े राजनीतिक दल सतपाल तंवर की बढ़ती लोकप्रियता से चिंतित नजर आ रहे हैं।
