राजनीति गुलामों का बाज़ार बन चुकी है, इंसान बेचे जा रहे हैं : ठाकरे बंधू | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

राजनीति गुलामों का बाज़ार बन चुकी है, इंसान बेचे जा रहे हैं : ठाकरे बंधू | New India Times

इतिहास में गद्दारी को श्राप माना गया है , दुश्मन को जब जीत मुश्किल हो तब गद्दारों की मदद ली जाती है। मैं मरना पसंद करूंगा लेकिन दो व्यापारियों की गुलामी नहीं करूंगा इस दहाड़ के साथ उद्धव ठाकरे ने नरेन्द्र मोदी – अमित शाह के विरोध में जंग छेड़ दी है। शिवसेना संस्थापक बालासाहब ठाकरे की पहली जन्म शताब्दी पर मुंबई में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में उद्धव बोल रहे थे।

राजनीति गुलामों का बाज़ार बन चुकी है, इंसान बेचे जा रहे हैं : ठाकरे बंधू | New India Times

मेरे दादा प्रबोधकार केशव सीताराम ठाकरे के नेतृत्व में मुंबई समेत संयुक्त महाराष्ट्र का आंदोलन सफ़ल हुआ। आज महाराष्ट्र के मराठी माणुस पर सांस्कृतिक आक्रमण किया जा रहा है हम उसका जवाब जय भवानी – जय शिवाजी – जय महाराष्ट्र के नारे से देंगे। राज ठाकरे ने कहा 1985 में बालासाहब ने देश के हिंदुओं को एक राजकीय पहचान दिलाई तब के हालात कुछ और थे। आज उसी हिंदुत्व का बाज़ार लगाया गया है। राजनीति में गुलामों की मंडी सजी है , इंसानों कि नीलामी शुरू है।

राजनीति गुलामों का बाज़ार बन चुकी है, इंसान बेचे जा रहे हैं : ठाकरे बंधू | New India Times

ठाकरे बंधू ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका चुनाव से जुड़े कुछ गंभीर तथ्यो को जनता के सामने रखा। कहा शिवसेना ने मराठी इलाको में अपने सारे किले जीते हैं। मुंबई बचाने के लिए हम फ़िर से सड़कों पर उतरेंगे। पाठकों को ज्ञात हो कि जलगांव जिले के नेरी में स्व अमृत पाटील के शिल्प अनावरण समारोह में पधारे एन सी पी सुप्रीमों शरद पवार ने आज से दस साल पहले 2016 में बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा था कि महाराष्ट्र की सियासत में जानवरों की तरह  इंसानों की खरीद फ़रोख्त की जा रही है।

बालासाहब ठाकरे को अभिवादन :

जामनेर के शेंदुर्णी मे एड प्रकाश पाटिल , भैय्या गुजर , सुधाकर सराफ , उस्मान भाई , प्रवीण चौधरी ने शिवसेना संस्थापक को अभिवादन किया। हिंदुत्व की राजनीति के प्रतीक बनाए गए बालासाहब को महाराष्ट्र के सभी सियासी दलो ने याद किया। पूरोगामी विचारधारा के मुखिया प्रबोधकार केशव सीताराम ठाकरे की सोच को ठाकरे परिवार के हिंदुत्व की नींव माना जाता है। शिव- फूले – शाहू – आंबेडकर के समाजवादी विचारधारा की जड़े भारत की राजनीत मे इतनी मजबूत है कि बीजेपी उसे जड़ से उखाड़ नही सकी है।

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