मुबारक अली, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर (यूपी), NIT:
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने टाउन हॉल स्थित नगर निगम एवं जिला सूचना कार्यालय में चल रहे नोटिस सुनवाई कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नोटिस सुनवाई में उपस्थित नो-मैपिंग श्रेणी के मतदाताओं से उनके दस्तावेजों के संबंध में जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 13 प्रकार के मान्य दस्तावेजों में से किसी एक पहचान पत्र को साथ लाना अनिवार्य है। उन्होंने निर्देश दिए कि नोटिस सुनवाई के दौरान संबंधित बीएलओ की उपस्थिति अनिवार्य रहे, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने बताया कि मतदाता केंद्र अथवा राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम के कर्मचारी या पेंशनभोगी का पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल, भूमि या आवास आवंटन प्रमाण पत्र सहित भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित अन्य वैध दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि दस्तावेजों की संख्या मतदाता की जन्म तिथि के अनुसार निर्धारित की गई है।
30 जून 1987 तक जन्मे मतदाता — स्वयं का एक मान्य दस्तावेज।
01 जुलाई 1987 से 02 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाता — स्वयं का एक दस्तावेज एवं माता-पिता में से किसी एक का एक दस्तावेज।
03 दिसंबर 2004 या उसके बाद जन्मे मतदाता — स्वयं का एक दस्तावेज तथा माता-पिता दोनों के दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में 1 जनवरी 2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के अंतर्गत गणना अवधि में बीएलओ द्वारा नो-मैपिंग श्रेणी में चिन्हित मतदाताओं को नियमानुसार नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में चिन्हित स्थलों पर नोटिस सुनवाई का कार्य सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्धारित तिथि एवं समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ नोटिस पर अंकित सुनवाई स्थल पर स्वयं मतदाता की उपस्थिति अनिवार्य है।
इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त एस.के. सिंह, नगर मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
