रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बड़ोला, झाबुआ (मप्र), NIT:

मेघनगर में आयोजित त्रिदिवसीय धार्मिक महोत्सव के अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिराज श्री डॉ. सिद्धरत्न विजयजी महाराज ने कहा कि मानव जन्म अत्यंत दुर्लभ है। ऐसे पुण्य मानव भव को प्राप्त करने के बाद हमें धर्म आराधना, तप और साधना के माध्यम से अपने जीवन को सफल बनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जीवन में हमें तीन माताओं का उपकार कभी नहीं भूलना चाहिए—
पहली जन्म देने वाली माँ,
दूसरी सन्मार्ग प्रशस्त करने वाली गुरु माँ
और तीसरी परमात्मा।

त्रिदिवसीय महोत्सव के अंतर्गत मुनि भगवंत श्री डॉ. सिद्धरत्न विजयजी महाराज, श्री प्रशमसेन विजयजी महाराज, श्री तारकरत्न विजयजी महाराज, श्री आध्यात्मसेन विजयजी महाराज एवं श्री अर्हमसेन विजयजी महाराज साहब का प्रातः साईं चौराहा से नगर प्रवेश हुआ। नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए उनका भव्य जुलूस श्री राजेन्द्र सूरी जैन ज्ञान मंदिर पहुँचा, जहाँ सर्वप्रथम गुरु वंदन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए श्री प्रशमसेन विजयजी महाराज ने कहा कि हमें जिनशासन और प्रभु महावीर का पावन शासन प्राप्त हुआ है, इसलिए प्रभु महावीर के सिद्धांतों को अपने जीवन में आत्मसात कर जीवन को सफल बनाना चाहिए। इस अवसर पर सकल जैन श्रीसंघ के अनेक श्रद्धालुजन उपस्थित रहे।
इसके पश्चात मुनि भगवंतों ने स्वर्गीय बाबूलाल संघवी के आत्म-श्रेयार्थ आयोजित गुणानुवाद सभा में निश्रा प्रदान की। दोपहर में पुण्य सम्राट गुरुदेव श्रीमद् विजय जयंतसेन सूरीश्वरजी महाराज साहब के 72वें दीक्षा दिवस के अवसर पर श्रीसंघ द्वारा श्री जयंतसेन सूरी अष्टप्रकारी पूजन का आयोजन किया गया।
रात्रि में भी मुनि भगवंतों की निश्रा में विशेष प्रवचन का आयोजन हुआ। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक वीरसिंह भूरिया ने भी पूज्य मुनि भगवंतों से आशीर्वाद प्राप्त किया।
आज होंगे परमात्मा एवं गुरुदेव के 18 अभिषेक
महोत्सव के दूसरे दिन आज पूज्य मुनि भगवंतों की निश्रा में परमात्मा एवं गुरुदेव के 18 अभिषेक का आयोजन किया जाएगा।
