वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर-खीरी (यूपी), NIT:
पुलिस, समाजसेवियों व अन्य माध्यमों से जिला चिकित्सालय से संबद्ध स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय मोतीपुर ओयल में इलाज के लिए भर्ती कराए गए छह लावारिस मरीजों को आश्रय हेतु अपना घर आश्रम, भरतपुर (राजस्थान) भेजा गया। वहां इन सभी मरीजों को न केवल सुरक्षित आश्रय मिलेगा, बल्कि समुचित उपचार व देखभाल की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इनमें से कुछ मरीज मानसिक विक्षिप्त भी हैं।
जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. आर.के. कोली ने बताया कि भरतपुर स्थित अपना घर आश्रम लावारिस व मानसिक विक्षिप्त मरीजों के लिए एक सुरक्षित व पारिवारिक वातावरण प्रदान करता है, जहां उन्हें रहने, इलाज और देखभाल की संपूर्ण सुविधा मिलती है। जिला चिकित्सालय में इन मरीजों को पुलिस व समाजसेवियों द्वारा विभिन्न स्थानों से लाकर भर्ती कराया गया था, जहां चिकित्सकों द्वारा उनका लगातार उपचार किया जा रहा था। अस्पताल प्रबंधन द्वारा उन्हें दवाइयां और भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा था, लेकिन स्थायी आश्रय की आवश्यकता को देखते हुए उच्च अधिकारियों व अपना घर आश्रम प्रबंधन से पत्राचार किया गया।
इसके बाद मंगलवार की शाम अपना घर आश्रम, भरतपुर से तीन सदस्यीय टीम वाहन सहित जिला चिकित्सालय मोतीपुर ओयल पहुंची। बुधवार सुबह सभी छह लावारिस मरीजों को सकुशल वाहन में बैठाकर भरतपुर के लिए रवाना किया गया। जिला चिकित्सालय प्रबंधन द्वारा समय-समय पर इन मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी ली जाती रहेगी।
सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि अपना घर आश्रम लावारिस व मानसिक विक्षिप्त मरीजों के लिए उनके अपने घर जैसा है, जहां उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं मिलती हैं। उन्होंने समाजसेवियों और आमजन से अपील की कि ऐसे जरूरतमंद लोगों की सहायता कर उन्हें उचित स्थान तक पहुंचाने में सहयोग करें। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पूर्व भी दो लावारिस मरीजों को जिला चिकित्सालय से अपना घर आश्रम, भरतपुर भेजा जा चुका है।
इस अवसर पर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आर.पी. वर्मा, काउंसलर देवनंदन श्रीवास्तव, मैट्रन रेशमा, नर्सिंग ऑफिसर वर्षा सिंह, अंजलि, राधा, राधिका व मीरा सहित अन्य स्टाफ उपस्थित रहा।
