मवासी समाज आदिवासी सेवा समिति ने दिलाई बंधुआ मजदूरों को आज़ादी, खेतों में बांधकर करवाया जाता था अमानवीय श्रम | New India Times

मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश में बंधुआ मजदूरी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। मवासी समाज आदिवासी सेवा समिति की जिला अध्यक्ष श्रीमती गुड्डी शीलू ने बताया कि जनजातीय समाज के मजदूरों को बंधुआ बनाकर ले जाने का गंभीर मामला सामने आया है।

उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के सिवनी, छिंदवाड़ा, होशंगाबाद और पिपरिया तहसील क्षेत्रों से मावशी, भारिया और गोंड समाज के लगभग 25 पुरुष एवं महिला मजदूरों को ठेकेदार अनिल नामक व्यक्ति द्वारा 11–12 दिनों तक खेतों में गन्ना कटाई के बहाने ले जाया गया था।

इसके बाद नवंबर, दिसंबर और जनवरी के दौरान उक्त ठेकेदार मजदूरों को महाराष्ट्र से कर्नाटक ले गया, जहाँ उन्हें बंधुआ मजदूर बनाकर रखा गया। मजदूरों ने बताया कि उन्हें खेतों में बांधकर रखा जाता था और मारपीट कर जबरन काम कराया जाता था।

मामले की जानकारी मिलते ही मवासी समाज आदिवासी सेवा समिति की जिला अध्यक्ष श्रीमती गुड्डी शीलू ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया और कानून की सहायता से खंडवा निवासी ठेकेदार के चंगुल से मजदूरों को मुक्त कराया गया।

मजदूरों ने बताया कि वहां उनके साथ गुंडों की तरह व्यवहार किया जाता था और लगातार मारपीट की जाती थी।
इस घटना से स्पष्ट होता है कि क्षेत्र में रोजगार की कमी के कारण गरीब मजदूर बंधुआ मजदूरी का शिकार हो रहे हैं।

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