दूषित पेयजल संकट पर राहुल गांधी का मध्यप्रदेश दौरा, 17 जनवरी को इंदौर में मिलेंगे पीड़ितों से | New India Times

जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

दूषित पेयजल संकट पर राहुल गांधी का मध्यप्रदेश दौरा, 17 जनवरी को इंदौर में मिलेंगे पीड़ितों से | New India Times

मध्यप्रदेश में दूषित पेयजल से फैले गंभीर स्वास्थ्य संकट को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी 17 जनवरी 2026 को इंदौर के दौरे पर आ रहे हैं। उनका यह दौरा मुख्य रूप से इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में फैली बीमारी और मौतों के मामलों को लेकर है। इस दौरान राहुल गांधी पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे और स्थिति का जायजा लेंगे।

इंदौर में दूषित पानी से गंभीर हालात

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दिसंबर 2025 के अंत से दूषित पेयजल (सीवर/मल-मिश्रित पानी) की आपूर्ति के कारण उल्टी-दस्त, डायरिया जैसी बीमारियां तेजी से फैली हैं।

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार अब तक 21 से 23 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। वहीं प्रशासनिक स्तर पर मौतों की संख्या 7 से 15 के बीच बताई जा रही है, हालांकि मेडिकल ऑडिट में कम से कम 15 मौतों का संबंध दूषित पानी से जोड़ा गया है।

हजारों लोग बीमार हुए हैं, सैकड़ों अस्पताल में भर्ती हैं और कुछ मरीज वेंटिलेटर पर भी बताए जा रहे हैं। हालात को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन नए मामले अब भी सामने आ रहे हैं।

संकट की वजह

जांच में जर्जर पाइपलाइन, सीवर लीकेज, जल आपूर्ति व्यवस्था की खामियां और टेंडर प्रक्रिया में देरी को मुख्य कारण बताया गया है। इस मामले में हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर है और प्रशासन को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

कांग्रेस ने इस पूरे मामले को प्रशासनिक लापरवाही और भाजपा सरकार की विफलता बताया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश के कई इलाकों में दूषित पानी की आपूर्ति का आरोप लगाया।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि “इंदौर में पानी नहीं, ज़हर बांटा गया” और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोया रहा। उन्होंने मध्यप्रदेश को कुप्रशासन का केंद्र बताया।

17 जनवरी को कांग्रेस इंदौर में बड़ा प्रदर्शन भी कर सकती है। इसमें धरना, उपवास और मृतकों को श्रद्धांजलि देने के कार्यक्रम शामिल होंगे। प्रदेशभर में ब्लॉक स्तर पर भी विरोध प्रदर्शन की योजना है।

छिंदवाड़ा दौरे को लेकर स्थिति

फिलहाल राहुल गांधी के 17 जनवरी को छिंदवाड़ा जाने को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। उनका दौरा मुख्य रूप से इंदौर-केंद्रित है, हालांकि कांग्रेस के प्रदेशव्यापी आंदोलन का असर छिंदवाड़ा सहित अन्य जिलों में भी देखने को मिल सकता है।

भोपाल में भी जल संकट के संकेत
इंदौर त्रासदी के बाद राजधानी भोपाल में भी जल गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। खानूगांव, आदमपुर छावनी, वाजपेयी नगर सहित कई इलाकों में भूजल के नमूनों में ई-कोलाई बैक्टीरिया पाया गया है।

नगर निगम की जांच में कई सैंपल फेल हुए हैं और कुछ क्षेत्रों में भूजल उपयोग पर रोक लगाई गई है, लेकिन मजबूरी में लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।

प्रदेश में दूषित जल को लेकर हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं और यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुका है।

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