इदरीस मंसूरी, ब्यूरो चीफ, गुना (मप्र), NIT:
बमोरी क्षेत्र में स्थित श्रीराम कृषि सेवा केंद्र द्वारा गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि केंद्र संचालक ने धनिया फसल के लिए स्वीकृत न होने वाली दवा को बिल में “धनिया में डालने हेतु” लिखकर किसानों को बेच दिया।
हैरानी की बात यह है कि दवा की बोतल/डिब्बे पर कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि वह धनिया फसल के लिए उपयोगी है, फिर भी बिना आवश्यक योग्यता और तकनीकी ज्ञान के दवा की बिक्री कर दी गई।
इतना ही नहीं, टैक्स पेड दवा होने के बावजूद बिल में SGST और CGST का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया, जो नियमों का उल्लंघन है।
गलत दवा के उपयोग से किसानों की लाखों रुपये की धनिया फसल खराब हो गई, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करता है।
