नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

महानगर पालिका चुनाव वोटिंग के ठीक पहले महाराष्ट्र की देवेन्द्र फडणवीस सरकार ने मुख्यमंत्री लाडली बहन योजना का फंड जारी कर दिया है। 13 जनवरी को योजना के लिए पात्र करोड़ों महिलाओं के बैंक खाते में तीन हजार रुपया जमा हो जाएगा। कांग्रेस ने इसे आचारसंहिता का भंग बताया है जो बिल्कुल सही है। इसी बीच महाराष्ट्र सरकार की शिव भोजन योजना का सैकड़ो करोड़ रुपया आचारसंहिता का हवाला दे कर वितरण के अभाव में जिलाधिकारी कार्यालयों के खजाने में लटकाया गया है।

पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा कोरोना संकट के दौरान गरीबों के भरण-पोषण के लिए शुरू की गई शिव भोजन योजना को आज भी बीजेपी की ईर्षा का सामना करना पड़ रहा है। जलगांव जिले में 100 से अधिक शिव भोजन केंद्र है। सात आठ महीनों से केंद्र चालकों को अनुदान का पैसा नहीं मिला है। विपक्ष द्वारा हल्ला मचाने और पेपरबाजी के बाद सरकार ने कुछ महीने का अनुदान जारी किया जो बाबुओ की खुशामद की भेट चढ़ गया।
आचारसंहिता है, निकाय चुनावों में कर्मचारीयों की ड्यूटी लगी है , प्रशासन के पास अब मैन पॉवर नहीं है जैसे कारण बताकर जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से केंद्र धारकों को बिल अदा करने से मना किया जा रहा है। सरकार में बैठे मंत्रियों के पास अपनी पार्टी को पैसे के दम पर ठेंगा सोसायटी से लेकर सारे चुनाव जितवाना और नासिक में 2027 में होने वाले सिंहस्थ अर्ध कुंभ में फोटो खिंचवाना यह दो काम बचे हैं।
